सियासत
पाकिस्तान के आम चुनाव में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं, जोड़-तोड़ से सरकार बनाने की कवायत तेज
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अब तक नेशनल असेंबली की 265 में से 244 सीटों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। इनमें से 96 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। निर्वाचन आयोग की ओर से परिणाम घोषित करने में देरी करने पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए गए हैं। मतगणना अब भी जारी है।
आरोप है की शुक्रवार को इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़, एक तरफा चुनाव जीत रही थी। उसके सभी विधायक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे क्योंकि इमरान की पार्टी द्वारा रैली करने तथा चुनाव चिन्ह इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद पाकिस्तान की जम्हूरियत ने इमरान खान को ही पहली पसंद के रूप में चुनाव और उनके पार्टी के निर्दलीय प्रत्याशियों को काफी संख्या में वोट मिले।
यह भी आरोप है की इमरान खान की पार्टी के निर्दल विधायकों के लगातार जीतने से पाकिस्तानी सेना और शहबाज शरीफ की पार्टी में हड़कंप मच गया। रात में 8 घंटे तक मतगणना रोक दी गई। इस बीच शहबाज शरीफ और सिकंदर सुल्तान, सेना प्रमुख असीम मुनीर से मिलने उनके यहां पहुंच गए। सेना के इशारे पर बैलेट पेपर बदल दिए गए।

पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से जो खबरें आ रही हैं उसके अनुसार अचानक नतीजे बदल गए और शनिवार को सुबह 7 बजे तक शहबाज शरीफ की पार्टी भी सत्ता की रेस में आ गई। इस बीच सेना का कहना है कि, पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता के लिए एक स्थाई और स्थिर सरकार जरूरी है।
पाकिस्तानी मीडिया का कहना है बैलट पेपर बदलकर चुनावी नतीजे प्रभावित करने में सेना प्रमुख असीम मुनीर, शहबाज शरीफ और सिकंदर सुल्तान ने मुख्य भूमिका निभाई है।
