वाराणसी
परेड कोठी-इंग्लिशिया लाइन में बढ़े अवैध निर्माण, वीडीए की कार्रवाई बनी औपचारिकता
वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण ( VDA ) के अभियंताओं और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण परेड कोठी और इंग्लिशिया लाइन क्षेत्र में होटल, गेस्ट हाउस तथा अन्य व्यावसायिक भवनों का अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहा है। अवैध निर्माण मिलने पर विकास प्राधिकरण के कर्मचारी नोटिस जारी करने और सील करने की कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर देते हैं, लेकिन इन भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं हो पाते।
जानकारी के मुताबिक, रक्षा संपदा की जमीन पर विकास प्राधिकरण को भवन मानचित्र पास करने का अधिकार मिल चुका है, इसके बावजूद वहां से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब उक्त भूमि का केयरटेकर नगर निगम को बनाया गया है तो रक्षा संपदा से एनओसी की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार रक्षा संपदा की जमीन नगर निगम को 30 वर्ष के लिए केयरटेकर के रूप में सौंपी गई थी। अवधि समाप्त होने के बाद रक्षा संपदा ने नगर निगम से जमीन वापस लेने की बात कही, लेकिन उस स्थल की भौगोलिक स्थिति बदल चुकी थी। इसके बाद पूर्व मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, नगर निगम, विकास प्राधिकरण और रक्षा संपदा सहित विभिन्न विभागों की कई चरणों में संयुक्त बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि नगर निगम पूर्व की भांति उस भूमि की देखभाल करता रहेगा।
बैठकों में यह भी तय हुआ कि विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र में अवैध निर्माण को रोकेगा और बाद में आदेश जारी कर वीडीए को नक्शा पास करने का अधिकार भी दिया गया। इसी बीच एक आदेश में कहा गया कि 160 एकड़ भूमि पर भवन मानचित्र पास कराने के लिए भवन स्वामी को रक्षा संपदा से एनओसी लेना होगा। हालांकि आदेश जारी होने के पांच वर्ष बाद भी रक्षा संपदा की भूमि पर वीडीए एक भी भवन का नक्शा पास नहीं कर सका है।
वहीं वीडीए के अधिकारियों का कहना है कि रक्षा संपदा ने नगर निगम को जितने समय के लिए केयरटेकर का अधिकार दिया है, उसी अवधि के लिए वीडीए नक्शा पास कर सकता है। इससे अवैध निर्माण पर रोक लगाने के साथ विकास प्राधिकरण को राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा।
