बलिया
परमधाम आश्रम डूहां बिहरा में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह आयोजित
डूहां बिहरा (बलिया)। युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानंद की जयंती की पूर्व संध्या पर अद्वैत शिव शक्ति परम धाम आश्रम डूहां बिहरा में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम मौनी बाबा के कृपापात्र शिष्य शिवेंद्र ब्रह्मचारी उर्फ उड़िया बाबा के सानिध्य और अध्यक्षता में संपन्न हुआ। संचालन जनपद के प्रसिद्ध साहित्यकार इसारी सलेमपुर निवासी डॉ. आदित्य कुमार ‘अंशु’ ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ से आए कवि, लेखक और समीक्षक डॉ. राजेश कुमार सिंह ‘श्रेयस’ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत रमाशंकर वर्मा मनहर की सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद मौनी बाबा, जंगली बाबा, वनखंडी नाथ, मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए गए। आश्रम परिवार की ओर से सभी कवियों का माला पहनाकर स्वागत और सम्मान किया गया।
काव्य गोष्ठी में नंदा नंद, रमाशंकर मनहर, अनिल सिंह, राजू पटकनिया, डॉ. गयाशंकर प्रेमी, डॉ. आदित्य कुमार ‘अंशु’, अली अहमद संगम, डॉ. जितेंद्र स्वाध्यायी, डॉ. फतेहचंद बेचैन, जितेंद्र त्यागी, पंकज वर्मा, खुर्शीद आलम, परशुराम वर्मा और राजेंद्र विद्रोही सहित अनेक कवियों ने देशभक्ति, आध्यात्म और प्रेरणा से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. राजेश सिंह ‘श्रेयस’ ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व और विचारों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया और अपने काव्यपाठ से माहौल को और प्रभावशाली बनाया। इस अवसर पर उड़िया बाबा को अंगवस्त्र और पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया तथा बाद में सभी कवियों ने भी उन्हें सम्मान अर्पित किया। बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे और पूरा वातावरण साहित्य व भक्ति से सराबोर रहा।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम की ओर से ब्यूरो चीफ, सैयद सेराज अहमद सहित सभी कवियों और अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं और श्रोताओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सभी ने बाबा से आशीर्वाद प्राप्त कर संतोष और प्रसन्नता के साथ कार्यक्रम स्थल से विदा ली। कुल मिलाकर यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और आध्यात्म का सुंदर संगम साबित हुआ, जिसमें प्रस्तुत रचनाओं ने देशप्रेम और भक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
