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पन्ने लाल यादव ने 700 छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ मामले में CBI/ACB जांच की उठाई मांग
कुशीनगर/लखनऊ। जनपद कुशीनगर स्थित गोस्वामी तुलसीदास इंटरमीडिएट कॉलेज, पडरौना में लगभग 700 इंटरमीडिएट (पत्राचार) परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त होने के मामले को लेकर देश के प्रमुख मानवाधिकार संगठन ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक एवं महासचिव पन्ने लाल यादव ने उत्तर प्रदेश शासन से उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की है।
पन्ने लाल यादव ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संभावित वित्तीय एवं दस्तावेजीय अनियमितता का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने इसे सैकड़ों छात्रों के शिक्षा अधिकार पर सीधा प्रहार बताया।
पन्ने लाल यादव द्वारा हस्ताक्षरित विस्तृत शिकायत पत्र अपर मुख्य सचिव (गृह), अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा), प्रमुख सचिव (कार्मिक), पुलिस महानिदेशक, एंटी करप्शन ब्यूरो, जिलाधिकारी कुशीनगर तथा मुख्यमंत्री कार्यालय (आईजीआरएस) को प्रेषित किया गया है।
अपने ज्ञापन में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें अधिकृत अधिकारियों के स्थान पर अन्य कर्मचारियों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने, परीक्षा शुल्क जमा प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी, दस्तावेजीय सत्यापन में गंभीर प्रशासनिक विफलता तथा जिला स्तर पर पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी में लापरवाही जैसे बिंदु शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन तथ्यों की पुष्टि होती है तो यह पद के दुरुपयोग और अभिलेखीय हेरफेर का मामला बनता है।
पन्ने लाल यादव ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य एंटी करप्शन ब्यूरो से प्रारंभिक जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि व्यापक अनियमितता सामने आती है तो मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपा जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जांच अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों को प्रभाव से दूर रखा जाए और जांच की प्रगति सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शासन स्तर से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन न्यायालय की शरण लेने और लोकतांत्रिक आंदोलन करने पर विचार करेगा।
