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पूर्वांचल

नाला सफाई के नाम पर रेलवे कर रहा खानापूर्ति

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रिपोर्ट – गणपत राय

पीडीडीयू नगर (चंदौली)। रेलवे द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराए जा रहे कार्य में खानापूर्ति की जा रही है। नगर से गुजरने वाले गंदे नाले, नहर की सफाई भी ठीक से नहीं हो रही है। इससे नगर के लोग असंतुष्ट हैं। जेसीबी के माध्यम से ठेकेदार नाले की सफाई तो करवा रहा है। लेकिन सिर्फ ऊपर की सफाई हो रही है। जबकि अंदर का लगभग पांच फिट कचरा पड़ा हुआ है।

स्थानीय रेलवे के यूरोपियन कालोनी व क्वार्टरों से निकलने वाले कचरे व गंदे पानी की निकासी के लिए पीडीडीयू नगर से होकर एक 10-12, फिट चौड़ा नाला बना हुआ है। इससे होकर गंदा पानी गंगा नदी में गिरता है। उक्त नाले की साफ-साफई का कार्य लाखों की लागत से इन दिनों रेलवे द्वारा कराया जा रहा है। साफ-सफाई के लिए रेलवे ने नाले के अगल बगल नई सट्टी से भोगवार गांव तक नाला के किनारे अवैध अतिक्रमण कर बने कच्चे व पक्के निर्माण व दुकानों की हटाने की नोटिस जारी की थी। बावजूद इसके सोमवार से सफाई के लिए जेसीबी लेकर ठेकेदार ने नई सट्टी से सफाई शुरू कराई। कुछेक गुमटियों व दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानें हटाई ही नहीं गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ कोरमपूर्ति की जा रही है। इसके कारण बरसात होते ही नाला पूरी तरह से जाम हो जाएगा।

एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि पूर्व में बड़ा जेसीबी लगाकर चेन कुप्पी से साफसफाई की गई थी। इससे पूरा नाला साफ हो गया था। रेलवे के सम्बन्धित अधिकारी सीनियर डीएमई (सामान्य) राहुल गुप्ता से वार्ता की गई। उन्होंने कहा कि मानक यही है कि अच्छे से सफाई हो। रही बात नाले की तो वह नाला रेलवे क्वार्टरों के पानी निकालने के लिए बना हुआ है जो शहर से होकर गुजरता है। शहर के लोग कचरा डालते हैं तो पालिका परिषद की भी जिम्मेवारी है कि कुछ सफाई कराए। ऐसे में सवाल उठता है कि रेलवे साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करा रहा है या फिर ठेकेदार को फायदा पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

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