गोरखपुर
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आठ वर्ष की कैद
गोरखपुर। जनपद गोरखपुर पुलिस को वर्ष 2017 में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में बड़ी न्यायिक सफलता हाथ लगी है। थाना सहजनवां क्षेत्र में पंजीकृत इस प्रकरण में माननीय न्यायालय एडीजे/पॉक्सो-2, गोरखपुर ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सहजनवां पर वर्ष 2017 में मु0अ0सं0 315/2017 धारा 4 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त बलराम पुत्र परिखन, निवासी भड़सार, थाना सहजनवां, गोरखपुर के विरुद्ध नाबालिग के साथ दुष्कर्म का अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना के पश्चात आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया, जहां लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अभियुक्त का अपराध सिद्ध पाया गया।
यह सफलता पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत प्राप्त हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर के निर्देशन में थाना स्तर के पैरोकार एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा की गई प्रभावी, सतत और ठोस पैरवी ने इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए स्पष्ट किया कि नाबालिगों के विरुद्ध किए गए अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि अपराधियों में भय तथा समाज में न्याय के प्रति विश्वास बना रहे। न्यायालय द्वारा अभियुक्त को 8 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
इस प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक (SPP) श्री राममिलन सिंह की सशक्त, तथ्यपरक और प्रभावी पैरवी को न्यायालय ने सराहनीय माना। उनकी विधिक दक्षता और निरंतर प्रयासों से पीड़िता को न्याय मिल सका।
गोरखपुर पुलिस ने इस निर्णय को न केवल कानून व्यवस्था के लिए बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने का अभियान जारी रहेगा।
