वाराणसी
“नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की”, जयकारों से गूंजा कथा पंडाल
वाराणसी। जिले के मिर्जामुराद क्षेत्र के प्रतापपुर ग्राम सभा में चल रही सर्व कल्याणार्थ श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा पंडाल “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
कथा व्यास पूज्य संत श्री रामानुज वैष्णव दास जी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर संकट बढ़ा है, तब-तब भगवान ने विभिन्न अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म को प्रधानता दी है और मनुष्य को सदैव सत्कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है।
महाराज जी ने कहा कि कर्म दो प्रकार के होते हैं। एक सत्कर्म और दूसरा दुष्कर्म। यदि मनुष्य के कर्म श्रेष्ठ हैं तो परमात्मा भी उसकी सहायता करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सदैव अच्छे कर्म करते रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि भगवान ने पूर्व काल में मत्स्य, वाराह, कूर्म (कच्छप), नरसिंह, मोहिनी सहित अनेक अवतार धारण कर देवताओं, संतों, ब्राह्मणों एवं गौ माता की रक्षा की। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का पूर्णावतार हुआ। उनके चरणों में प्रीति हो जाने के बाद मनुष्य के जीवन में कुछ भी शेष नहीं रह जाता, क्योंकि भगवान स्वयं उसे पूर्णता प्रदान कर देते हैं।
कथा के दौरान महाराज जी के मुखारविंद से प्रवाहित भजनों पर श्रोता भक्ति रस में सराबोर हो उठे। पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
इस अवसर पर सियाराम पटेल, पूर्व प्रधान सुमन सिंह, ग्राम प्रधान बृजेश यादव, बच्चा सिंह, असीम सिंह, योगेश सिंह, शैलेंद्र बहादुर सिंह, अशोक मिश्रा, निरंकार, श्यामू पटेल, बुच्चुन पटेल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
