गोरखपुर
दो करोड़ के गबन का आरोपी कैशियर गिरफ्तार
गोरखपुर। जनपद में आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कैण्ट पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कूटरचना के माध्यम से करीब दो करोड़ रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर की गई।
पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कैण्ट के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने थाना कैण्ट पर पंजीकृत मु0अ0सं0 003/2026 से संबंधित अभियुक्त प्रियेश सिंह को गिरफ्तार किया। अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद व्यापारिक क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार प्रियेश सिंह संबंधित दुकान में कैशियर व सेल्समैन के पद पर कार्यरत था। इसी विश्वास का दुरुपयोग करते हुए उसने बिलों में कूटरचना करना शुरू कर दिया। फर्जी बिलिंग और हेराफेरी के जरिये उसने धीरे-धीरे लगभग दो करोड़ रुपये का गबन कर लिया। जब दुकानदार को खातों में अनियमितता का संदेह हुआ तो उसने जांच कराई, जिसमें कूटरचना का मामला सामने आया। इसके बाद वादिनी द्वारा थाना कैण्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच प्रारंभ की।
जांच के दौरान पुलिस को ठोस साक्ष्य प्राप्त हुए, जिसके आधार पर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त के खिलाफ बीएनएस की धारा 306, 316(4), 319(2), 352 एवं 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि गबन की गई धनराशि की बरामदगी के साथ-साथ अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त प्रियेश सिंह पुत्र हरीलाल सिंह, महुवा बजरट्टा, थाना तरकुलहा, जिला देवरिया का निवासी है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।
इस कार्रवाई में व0उ0नि0 विनोद कुमार सिंह, उ0नि0 अभय सिंह यादव, म0उ0नि0 चन्दा कुमारी तथा का0 मंगल दीप यादव शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में आर्थिक अपराधों में लिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
