वाराणसी
देश और दुनिया के कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मिलेगा नया मंच
कैंट रेलवे स्टेशन पर भगवान शिव से संबंधित कलाकृतियां उकेरी गई
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश और दुनिया के कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नया मंच मिलेगा। इसके लिए ‘श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास’ और ‘संगीत नाटक अकादमी’ के बीच जल्द ही एक करार होगा।वाराणसी कैंट स्टेशन पर भगवान शिव की महिमा को दर्शाते हुए वहां त्रिशूल, शंख, नदी, चंद्रमा और गंगा नदी के किनारे सहित भगवान शिव को प्रतिबिंबित करने वाली कलाकृतियां उकेरी गई है। सांस्कृतिक शहर की समृद्धि और आध्यात्मिक विरासत से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं को भी कैंट स्टेशन पर दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसी क्रम में काशी में रोप-वे परियोजना का भी विस्तार हो रहा है और इसे 16 घंटे संचालित करने की योजना है। ताकि पर्यटकों के लिए आसान परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। रोप-वे मार्ग से कैंट स्टेशन के बीच 3.8 किलोमीटर की यात्रा में पांच स्टेशन शामिल होंगे। काशी विद्यापीठ के पास स्थित भारत माता मंदिर परिसर और रथयात्रा तथा गिरिजाघर और गोदौलिया में वाराणसी के रोप-वे स्टेशनों का निर्माण हो रहा है।
रोप-वे परियोजना के शुरू हो जाने से दर्शनार्थियों और भक्तों को मंदिर जाने में काफी सहूलियत होगी। वे काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर इस परिसर से जुड़े दक्षिण भारतियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विशालाक्षी मंदिर, कालरात्रि मंदिर और काल भैरव मंदिर में आने जाने और दर्शन करने की सहूलियत मिलेगी। क्योंकि शहर का पक्का महाल इलाका धार्मिक क्षेत्र है इसलिए रोप-वे परियोजना इस दिशा में काफी लाभदायक होगी।
इस परियोजना के तहत प्रथम चरण में कैंट स्टेशन से लेकर रथयात्रा तक का निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा हो जाएगा और वहां पर यात्रियों का आवागमन इस रोप-वे से शुरू हो जाएगा।
