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वाराणसी

दुबई भागे कफ सीरप तस्कर के प्रत्यर्पण की तैयारी तेज

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वाराणसी। कफ सीरप की अवैध आपूर्ति के मामले में कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। कमिश्नरेट पुलिस उन सभी आरोपितों को एक-एक कर जांच के दायरे में शामिल कर रही है। इसी क्रम में दुबई में छिपे मुख्य सरगना शुभम जायसवाल को भारत लाने का प्रयास भी तेज कर दिया गया है। इस लक्ष्य को मजबूत करने के लिए उसके खिलाफ और कड़ी धाराएं जोड़ने की तैयारी चल रही है।

मामला प्रदेश स्तर पर संवेदनशील होने के कारण पुलिस अन्य जोनों के साथ भी तालमेल बनाकर आगे बढ़ रही है। रविवार को भी जांच की प्रक्रिया जारी रही और विदेश में मौजूद आरोपित के प्रत्यर्पण संबंधी औपचारिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के अनुसार, अब प्राथमिकता कोतवाली क्षेत्र में दर्ज केस को तथ्यात्मक और ठोस जांच के साथ पूरी करने की है। ड्रग विभाग द्वारा संदिग्ध पाई गईं 108 फार्मों में से 38 के खिलाफ अनियमितता सिद्ध होने पर केस दर्ज किया गया है। पहले 26 और उसके बाद 12 और फर्मों को प्राथमिकी में शामिल किया गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित फर्मों को दो से तीन बार नोटिस भेजकर जवाब माँगा जाएगा। जल्दबाजी से बचते हुए कानूनी प्रक्रिया मजबूत रखने पर ज़ोर दिया जा रहा है। यदि नियत समय में उत्तर नहीं मिला तो गंभीर धाराएं बढ़ाकर गिरफ्तारियों की कार्रवाई की जाएगी। यही आधार आगे चलकर शुभम जायसवाल के प्रत्यर्पण और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए उपयोग किया जाएगा।

इधर, एसटीएफ की गिरफ्त में आए अमित टाटा से रिमांड पर पूछताछ होगी। कमिश्नरेट की एसआइटी टीम लखनऊ एसटीएफ से प्राप्त तथ्यों की समीक्षा करेगी। यदि जांच में वाराणसी से जुड़ी भूमिकाएं सामने आती हैं तो अमित टाटा को भी इस प्रकरण में आरोपित बनाया जा सकता है।

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