वाराणसी
दलित उत्पीड़न और मारपीट के मामले में मिली जमानत
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जंसा थाना क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव निवासी शिवराज ने जंसा थाने में 26 जून 1999 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह शाम को 6 बजे अपने गाय-भैंस को चरा रहा था। उसी दौरान उसकी गाय-भैंस ग्राम पंचायत की एक बंजर जमीन में चली गई। इसी दौरान अर्जुनपुर, जंसा निवासी घनश्याम दूबे नामक एक ब्राह्मण वहां आए और उसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां देने लगे कि उनके खेत में क्यों गाय-भैंस चरा रहे हो।

इस पर जब उसने गालियां देने से मना करते हुए उक्त भूमि के बंजर होने और ग्रामसभा की जमीन होने की बात कही तो वह उग्र हो गए। साथ ही नाराज होकर लाठी-डंडे से उसे मारने-पीटने लगे। शोर सुनकर जब आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया, तब उसकी जान बची। पिटाई से उसे गंभीर चोटें आई। इसी मामले में कोर्ट में हाजिर न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
