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वाराणसी

तहसील में आग लगाने वाले बुजुर्ग की मौत

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वाराणसी। जमीन का केस हारने के बाद खुद को आग लगाने वाले बुजुर्ग की देर रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मिर्जामुराद क्षेत्र के जोगापुर निवासी वशिष्ठ नारायण गौड़ के रूप में हुई है। प्रशासन की ओर से उनके तीनों बेटों को सूचना दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम हाउस शिवपुर भेजा गया है।

बता दें कि, शुक्रवार दोपहर वशिष्ठ नारायण राजातालाब तहसील पहुंचे थे। वे पेट्रोल से भरा कमंडल लेकर आये थे। अचानक उन्होंने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। वकीलों और पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक उन्होंने खुद को आग के हवाले कर दिया। आग लगने के बाद वे चिल्लाते हुए भागने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और वकीलों ने कपड़ा और मिट्टी डालकर किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक वे 50 फीसदी से अधिक झुलस चुके थे।

आग से झुलसने के बाद वशिष्ठ नारायण ने कहा था, “कहीं भी हमारा ठिकाना नहीं है। हमें न्याय नहीं मिला, तो क्या करें? हमको उन लोगों ने मारा। क्या जब जान से मार डालेंगे, तब ही कुछ प्रशासन करेगा। अधिकारी जांच नहीं करते, पैसा चाहते हैं। हमें हाईकोर्ट भेज रहे हैं, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं हैं।”

घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। तहसीलदार श्याम नारायण तिवारी मौके से निकल गए। कोर्ट के कर्मचारी भी दफ्तर छोड़कर चले गए। वहीं ग्राम प्रधान चंद्रभूषण ने बताया कि मामला ग्राम समाज की संपत्ति पर कब्जे से जुड़ा था। किसान के तीनों बेटे नौकरी करते हैं। तीन दिन पहले ही डीएम कोर्ट से उनकी अपील खारिज हुई थी।

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विवादित जमीन का पूरा मामला


वशिष्ठ नारायण ने अपने गांव जोगापुर कसवार में करीब दो बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा था। इस जमीन का खेती के अलावा अन्य उपयोग करते थे। जबकि लेखपाल के अनुसार, जमीन सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक संपत्ति दर्ज थी।

इस विवाद पर तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई चली। सरकारी वकील ने रकबा संख्या 529, क्षेत्रफल 0.36 हेक्टेयर का दस्तावेज और नजरी नक्शा प्रस्तुत किया। प्रतिवादी वशिष्ठ कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। ग्राम समाज से पट्टे का दावा भी गलत साबित हुआ।

वशिष्ठ नारायण का घर

लंबी सुनवाई के बाद 17 मई 2025 को तहसीलदार कोर्ट ने वशिष्ठ को भूमि से बेदखली का आदेश दे दिया। बाद में उन्होंने डीएम कोर्ट में अपील की, जिसे तीन दिन पहले खारिज कर दिया गया। इसी से क्षुब्ध होकर शुक्रवार को तहसील परिसर स्थित मंदिर में उन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया।

वहीं इस मामले में एडीएम प्रशासन वंदिता श्रीवास्तव ने कहा,”गांव जोगापुर में ग्राम सभा की भूमि पर वशिष्ठ नारायण द्वारा अवैध कब्जा किया गया था। उस जमीन पर पानी की टंकी बननी है। इसलिए उन्हें बेदखली का आदेश जारी किया गया था। बाद में उनकी अपील अपर जिलाधिकारी प्रशासन की कोर्ट से भी खारिज कर दी गई थी।”

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