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डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत
आजमगढ़ जिले के रानी की सराय क्षेत्र के अनौरा गांव में स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार को गर्भपात के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया लेकिन शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही परिजन उसे घर ले गए। उल्लेखनीय है कि चार साल पहले भी इसी अस्पताल में बच्चे की अदला-बदली का मामला सामने आया था, जिस पर भारी हंगामा हुआ था। घटना के बाद मंगलवार को अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा।
जानकारी के अनुसार, नेवरही गांव निवासी राजेंद्र की बेटी गीता का विवाह सरायमीर क्षेत्र के भरौली गांव में हुआ था। गीता के पति की तबीयत खराब होने के कारण वह मुंबई में उपचार करवा रहे थे। गर्भवती गीता को समस्या होने पर उसे अनौरा स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में गर्भपात के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने पर अस्पताल की संचालिका डॉ. पुष्पा सिंह ने उसे रेफर कर दिया, लेकिन परिजनों का दावा है कि गीता की वहीं मौत हो गई थी।
मृत्यु की खबर सुनकर परिजन भड़क उठे और महिला डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस दौरान ईंट-पत्थर फेंके जाने से अस्पताल की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। पुलिस को सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंची और अस्पताल में ही बंद कमरे में परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच समझौता हो गया। रात करीब साढ़े आठ बजे परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए।
इस घटना के बाद अस्पताल फिर से चर्चा में आ गया है। इससे पहले 17 अगस्त 2020 को एक महिला ने यहां प्रसव के दौरान बच्चे को जन्म दिया था, जिसके बाद बच्चे की तबीयत खराब होने का दावा किया गया था, जबकि परिजनों ने बच्चे की अदला-बदली का आरोप लगाया था।
