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गाजीपुर

टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का हुंकार, सौंपा ज्ञापन

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गाजीपुर (जयदेश)। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों ने बृहस्पतिवार को अपनी मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन और पैदल मार्च किया। शिक्षकों ने आर.टी.ई. एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर जबरन शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) थोपे जाने का विरोध करते हुए इसे “काला कानून” करार दिया।

वक्ताओं ने कहा कि जब अन्य विभागों के कर्मचारियों पर इस प्रकार की अनिवार्यता लागू नहीं है, तो फिर बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने इसे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों के खिलाफ बताया।

कार्यक्रम की शुरुआत बीएसए कार्यालय महुआबाग परिसर में हुई, जहां विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए और सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की। इसके उपरांत शिक्षकों ने महुआबाग से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च किया।

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को संबोधित ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई। अंत में कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।

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धरना-प्रदर्शन में जनपद के सभी ब्लॉकों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार यादव, जिला मंत्री इशरार अहमद सिद्दीकी, जिला कोषाध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनन्द प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद तिवारी, सादात ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. राजेश यादव, सैदपुर ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश यादव सहित सुनील यादव, रामानन्द यादव, आनन्द यादव, राम अवतार यादव, हरिचरण यादव, सुभाष चन्द्र यादव, मुकुल चौबे, प्रेम नारायण यादव, चन्द्रप्रभा गौतम एवं सुमन विश्वकर्मा समेत अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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