गोरखपुर
झमाझम बारिश से जनजीवन बेहाल, किसानों की बढ़ी चिंता
त्योहारों की रौनक पर पड़ा असर, बिजली व्यवस्था चरमराई, गरीबों की बढ़ी मुश्किलें
गोरखपुर। जनपद व आस-पास के इलाकों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से बरस रही बूँदें अब राहत नहीं, बल्कि आफत बन चुकी हैं। इस अनवरत वर्षा ने जहाँ त्योहारों की रौनक पर पानी फेर दिया है, वहीं गरीब और मजदूर तबके की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी धान की फसलें बारिश और तेज हवाओं से झुक गई हैं, जिससे किसानों की नींद उड़ी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश ने कई जगहों पर पेड़ गिरा दिए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई। कई गांवों में ट्रांसफॉर्मर जलने और तार टूटने से बिजली गुल है। चरमराई विद्युत व्यवस्था के कारण लोगों को अंधेरे में त्योहार मनाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार दो दिन से करंट न आने के कारण मोबाइल चार्ज करने तक की दिक्कत हो रही है, वहीं खेतों की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
किसानों की चिंता बढ़ी
बारिश का यह दौर हथिया नक्षत्र के दौरान हो रहा है, जिसे किसान शुभ मानते हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। लगातार बारिश और तेज़ हवा से खेतों में लगी धान की फसलें झुक गई हैं। खेतों में जलभराव से फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि दो-तीन दिन और बारिश जारी रही तो फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी। पहले से ही महंगाई और खाद-बीज के दामों से जूझ रहे किसान अब प्राकृतिक आपदा से भी परेशान हैं।
मजदूर और गरीब तबके की बढ़ी मुश्किलें
बरसात ने दैनिक मजदूरी करने वालों की रोजी-रोटी पर भी असर डाला है। लगातार दो दिनों से काम न मिलने के कारण दिहाड़ी मजदूरों के घरों में चूल्हे तक ठंडे पड़ गए हैं। जो लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं, उनके लिए ये बारिश किसी अभिशाप से कम नहीं। वहीं नौकरी पेशा लोगों के लिए भी घर से दफ्तर निकलना एक चुनौती बन गया है। जगह-जगह जलभराव से आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
त्योहारों की रौनक फीकी
त्योहारों का समय होने के बावजूद बाजारों में सन्नाटा पसरा है। बारिश के कारण लोग घरों में कैद हैं, जिससे व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मिठाई, कपड़े और सजावट की दुकानों पर ग्राहक नदारद हैं।
प्रशासन से राहत की उम्मीद
ग्रामीण जनता और किसान अब प्रशासन की ओर राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जरूरत है कि कृषि विभाग फसलों का सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में कदम उठाए। साथ ही विद्युत विभाग को तत्काल सुधार कार्य में लगना चाहिए ताकि गांवों की अंधेरी रातें फिर से रोशनी से जगमग हो सकें।
जयदेश की यह अपील है कि इस कठिन समय में हर वर्ग एक-दूसरे की मदद को आगे आए, ताकि कोई भी परिवारके भूखा न सोए और किसान अपनी मेहनत की फसल को बचा सके।
