Connect with us

गाजीपुर

“जिस घर में श्रीरामचरितमानस का पाठ, वहां सुख-शांति” : स्वामी भवानी नंदन यति महाराज

Published

on


गाजीपुर। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां हर धर्म और संप्रदाय के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। इसी संदर्भ में सिद्धपीठ हरिहरपुर कालीधाम में बुधवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में हथियाराम मठ के महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति जी महाराज ने कहा कि देश के बड़े मंदिरों और मठों पर सरकार का अधिकार है, तो उसी प्रकार वक्फ की संपत्तियों और मस्जिदों पर भी सरकार का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर, मठ, मस्जिद, गिरजाघर जैसे पूजा स्थलों की चल-अचल संपत्तियों की रक्षा के लिए सरकार का आधिपत्य आवश्यक है।

श्रीरामचरितमानस का महत्व

महामंडलेश्वर ने कहा कि वर्तमान समय में समाज और परिवार के ताने-बाने का संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस का अध्ययन और अनुसरण अति आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया था। उनके जीवन में पुत्र, भाई, पति और पिता की सभी भूमिकाएं आदर्श रूप में परिलक्षित होती हैं, जिससे समाज को सीख लेनी चाहिए।

जिस घर में श्रीरामचरितमानस का पाठ, वहां सुख-शांति

Advertisement

स्वामी भवानी नंदन यति जी महाराज ने यह भी कहा कि जिस घर में श्रीरामचरितमानस का पाठ होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि स्वतः वास करती है। उन्होंने वर्तमान समाज को इस ग्रंथ के माध्यम से जीवन जीने की प्रेरणा लेने की सलाह दी।

संघ प्रमुख मोहन भागवत की सराहना

महामंडलेश्वर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को एक अलौकिक पुरुष की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने देश की एकता और अखंडता के लिए हर संभव प्रयास किया है। बिगड़ते राजनीतिक माहौल को संभालने के लिए उनकी यह सोच कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर न खोजें, सामाजिक सौहार्द के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने यह भी बताया कि संघ प्रमुख की सिद्धपीठ बुढ़िया माई मंदिर में गहरी श्रद्धा और भक्ति है।

योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने की वकालत

सीएम योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए महामंडलेश्वर ने कहा कि यदि योगी जी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह एक अच्छी बात होगी। उनके अनुसार, योगी आदित्यनाथ की नीतियां और प्रशासनिक कार्यशैली भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने में सहायक होंगी।

Advertisement

रामराज्य की जरूरत, न कि हिंदू राष्ट्र

स्वामी भवानी नंदन यति जी महाराज ने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदू राष्ट्र से अधिक आवश्यक रामराज्य की स्थापना है। उन्होंने कहा कि रामराज्य का अर्थ न्याय, समानता और समरसता से परिपूर्ण शासन व्यवस्था से है, जहां हर नागरिक को न्याय और सम्मान मिले। उन्होंने समाज से अपील की कि धर्म और जाति से ऊपर उठकर आदर्श समाज की स्थापना में योगदान दें।

भवानी नंदन यति ने अपने स्वास्थ्य और संयमित जीवनशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार, विचार और व्यवहार पर नियंत्रण के चलते वह पिछले 30-40 वर्षों से अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराने नहीं गए हैं। उनका यह विचार क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वर्ष 2013 में मुंबई में एक पनडुब्बी ब्लास्ट की घटना हुई थी, जिसमें 18 जवान शामिल थे। इस दुर्घटना में 16 जवानों के शव मिले, जबकि एक जवान लापता रहा। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के ग्रामसभा दलिया निवासी अजय सिंह बच गए थे। अजय सिंह न केवल इस हादसे से सुरक्षित निकले, बल्कि उन्होंने फिल्मी दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई। वह ‘दबंग’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। उनकी वीरता और संघर्ष को देखते हुए महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति ने पत्रकारों के समक्ष उन्हें सम्मानित किया।

Advertisement



Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa