Connect with us

वाराणसी

जानलेवा हमले के मामले में गैंगस्टर अभिषेक सिंह हनी दोषमुक्त

Published

on

वाराणसी। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट और कूटरचित दस्तावेजों की बरामदगी के मामले में शातिर गैंगस्टर अभिषेक सिंह उर्फ हनी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) के न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए अभिषेक सिंह को दोषमुक्त कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव, विनीत सिंह और नरेश यादव ने दलीलें पेश कीं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 19 दिसंबर 2012 को एसओजी प्रभारी एसपी सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम केबल व्यवसायी की हत्या में शामिल अभियुक्तों की तलाश कर रही थी। इस दौरान सूचना मिली कि 50 हजार का इनामी कुख्यात अपराधी अभिषेक सिंह उर्फ हनी होटल इंडिया चौराहे से कैंट स्टेशन की ओर भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने होटल इंडिया चौराहे पर घेराबंदी की।

करीब 4:30 बजे सुबह नदेसर की ओर से एक ऑटो आकर रुका, जिसमें से एक व्यक्ति कैंट स्टेशन की ओर पैदल जाने लगा। एसओजी प्रभारी ने जब उसे रुकने का इशारा किया तो वह चर्च रोड की तरफ भागने लगा। पीछा करने पर अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली एसओजी प्रभारी के कान के पास से गुजर गई।

पुलिस टीम ने खुद को बचाते हुए अभियुक्त को धर-दबोचा। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम अभिषेक सिंह उर्फ हनी निवासी खजुरी, पाण्डेयपुर बताया। तलाशी में उसके पास से .32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक खाली मैगजीन, एक फर्जी परिचय पत्र और 2020 रुपये नकद बरामद हुए।

Advertisement

हालांकि, अदालत में अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को सिद्ध नहीं किया जा सका। सबूतों के अभाव में अदालत ने गैंगस्टर अभिषेक सिंह हनी को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page