वाराणसी
जलयान का पंजीकरण करने की तैयारी में आरटीओ
वाराणसी। संभागीय परिवहन कार्यालय जल्द ही जलयान का पंजीकरण भी करेगा। प्रदेश में जल परिवहन का काम तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण अधिनियम को 8 दिसंबर 2023 को अधिसूचित किया जा चुका है।
अब तक परिवहन कार्यालय सड़क वाहनों का ही पंजीकरण करता था, लेकिन जलयान पंजीकरण भी जल्द शुरू होने वाला है।प्रदेश सरकार सड़क और जल परिवहन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहित करना चाहती है।
इसके तहत अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन हो रहा है। देश में कुल 111 राष्ट्रीय जलमार्ग हैं, जिसमें प्रयागराज से हल्दिया जलमार्ग भी शामिल है। यह जलमार्ग प्रयागराज से होते हुए भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, मुगलसराय, गाजीपुर, बलिया, बिहार से पश्चिम बंगाल तक जाता है।
जलयान पंजीकरण की फीस और शर्तें 2002 की नियमावली के तहत निर्धारित की जाएंगी। परिवहन विभाग ने नई नियमावली शासन को भेज दी है और जल्द ही इस पर कार्यवाही होगी। वाराणसी एआरटीओ के प्रशासनिक अधिकारी सर्वेश चतुर्वेदी ने यह जानकारी दी।
गंगा में वर्तमान में छह क्रूज संचालित होते हैं, जो पश्चिम बंगाल तक जाते हैं। जनवरी में गंगा सागर यात्रा के लिए क्रूज बुकिंग की उम्मीद की जा रही है।
इसके अलावा समय-समय पर कुछ क्रूज पर्यटकों को जलमार्ग के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते हैं। जलमार्ग से सामान कम समय और कम लागत में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है।जलयान रजिस्ट्री का काम संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश जलमार्ग प्राधिकरण के तकनीकी कार्यों के लिए इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) और इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन सर्वेयर को नामित किया गया है जो सोसाइटी ऑफ मैरीन इंजीनियर्स के साथ कार्य करेंगे।
