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जब तक बस्ती वशिष्ठ नगर नहीं हो जाएगा, आराम से नहीं बैठूंगा: जगद्गुरु रामभद्राचार्य
वशिष्ठ आश्रम, बढ़नी मिश्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज के श्रीमुख से वशिष्ठ रामायण कथा शुरू
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ आश्रम, बढ़नी मिश्र में बुधवार को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव के बीच वशिष्ठ रामायण कथा का भव्य शुभारम्भ हुआ। कथा का आरम्भ वैदिक मंत्रोच्चार और पादुका पूजन के साथ हुआ, जिसमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने अपने श्रीमुख से गुरु वशिष्ठ की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी और पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
अपने प्रवचन में जगद्गुरु ने गुरु वशिष्ठ को वैदिक काल के महानतम ऋषि-पुरोहितों में अग्रणी बताते हुए कहा कि उनका तप, त्याग, क्षमा और आध्यात्मिक तेज आज भी सनातन परंपरा को दिशा देता है। उन्होंने सप्तऋषि मंडल का उल्लेख करते हुए कहा कि आकाश में चमकते सात तारों में दाहिने से दूसरा तारा वशिष्ठ का प्रतीक है, जो उनकी धर्मपत्नी अरुंधती के साथ अनादिकाल से आलोकित है। यह केवल खगोलीय तथ्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में आदर्श दांपत्य और गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है।
जगद्गुरु ने कहा कि भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की प्रारंभिक शिक्षा गुरु वशिष्ठ के गुरुकुल में ही हुई थी। राम द्वारा शिव-धनुष भंग के बाद राजा दशरथ ने भी वशिष्ठ की आज्ञा लेकर ही मिथिला के लिए प्रस्थान किया। रामकथा के उत्तरार्ध में श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ भी वशिष्ठ के परामर्श से सम्पन्न किया। उन्होंने कहा कि जिस धरती का संबंध ऐसे महर्षि से रहा हो, वह भूमि स्वयं में तीर्थ है।
इसी क्रम में उन्होंने बस्ती को “वशिष्ठ नगर” घोषित करने की मांग रखते हुए दृढ़ स्वर में कहा, “मैं मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से स्वयं बात करूंगा। जब तक बस्ती वशिष्ठ नगर नहीं हो जाएगा, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।” उनके इस संकल्प पर श्रद्धालुओं ने तालियों और जयघोष से समर्थन व्यक्त किया।
कथा से पूर्व मुख्य यजमान चन्द्रभूषण मिश्रा, उषा मिश्रा एवं रत्नेश मिश्रा ने विधि-विधान से पादुका पूजन किया। आयोजक राणा दिनेश प्रताप सिंह और समिति के सदस्यों ने जगद्गुरु का माल्यार्पण कर स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रथम दिवस की कथा में नगर पंचायत अध्यक्ष नीलम सिंह ‘राना’, सतीश मिश्रा, संतोष मिश्रा, आलोक मिश्रा, विकास मिश्रा, संजय मिश्रा, विशाल यादव, सच्चिदानंद मिश्रा, नीतीश पाण्डेय, अवधेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
