वाराणसी
ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण पर लगेगी लगाम, वीडीए ने जारी की गाइडलाइन
वाराणसी। शहर के रिंग रोड और प्रमुख मार्गों के किनारे प्रस्तावित 20 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट में किसी भी तरह के स्थायी निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि ग्रीन बेल्ट का मुख्य उद्देश्य खुले और हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखना है, जिससे शहर की सुंदरता बनी रहे, पर्यावरण संतुलित रहे और नागरिकों का स्वास्थ्य संरक्षित हो सके।
उन्होंने कहा कि सुव्यवस्थित, पर्यावरण–अनुकूल और संतुलित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए रिंग रोड और प्रमुख सड़कों के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना बनाई गई है। नगर क्षेत्र में रिंग रोड की कुल चौड़ाई 60 मीटर तय की गई है, जिसमें दोनों तरफ 20–20 मीटर चौड़ी हरित पट्टी बनाई जाएगी। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और साथ ही हरियाली व स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।
वीडीए के अनुसार, ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में केवल चुनिंदा और निर्धारित उपयोगों की ही अनुमति होगी। इनमें पेट्रोल पंप, खेल मैदान, स्पोर्ट्स ग्राउंड, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय खुले स्थल, पार्क, रेसकोर्स, स्टेडियम, पिकनिक स्थल, कैंपिंग स्थल, ट्रैफिक पार्क, मनोरंजन पार्क, एक्वेरियम, चिड़ियाघर, संग्रहालय तथा पक्षी और वन्यजीव अभयारण्य जैसे सार्वजनिक और पर्यावरण–अनुकूल कार्य शामिल हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार का व्यावसायिक या आवासीय निर्माण पूरी तरह वर्जित रहेगा।
आजमगढ़ रोड, संदहा मार्ग, जीटी रोड और रिंग रोड के किनारे प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किसी भी निर्माण से पहले वीडीए से नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किया गया निर्माण अवैध माना जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वीडीए अधिकारियों का कहना है कि नियमों का सख्ती से पालन कराकर ग्रीन बेल्ट की मूल भावना को बनाए रखा जाएगा, ताकि वाराणसी का विकास पर्यावरण के अनुकूल और संतुलित तरीके से आगे बढ़ सके।
