गोरखपुर
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में रिश्वतखोरी का खुलासा; एंटी करप्शन टीम ने अधीक्षक को रंगेहाथ पकड़ा
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के संबद्धता अनुभाग के अधीक्षक बृजनाथ सिंह पर रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप ऑपरेशन कर उसे पकड़ लिया, जिससे परिसर में सनसनी फैल गई। शिकायतकर्ता संदीप कुशवाहा ने दावा किया कि अधीक्षक ने उनके महाविद्यालय वैष्णवी महिला महाविद्यालय, रामपुर राजा की मान्यता और सह-आचार्य की नियुक्ति का अनुमोदन करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की।
शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने रणनीति बनाकर दोपहर 2:34 बजे जब निर्धारित रकम सौंपी जा रही थी तब मौके पर कार्रवाई कर आरोपी को धर दबोचा; पैसे बरामद कर सील कर दिए गए और आरोपी को तत्काल हिरासत में लेकर कैंट थाने भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की बाते होने लगी।
प्रारंभिक पूछताछ में मामले से जुड़ी कई जानकारियाँ मिली हैं और टीम ने आवश्यक साक्ष्य जब्त कर लिये हैं जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई सम्भव है। इस घटना ने शिक्षा संस्थान की प्रतिष्ठा को झकझोर दिया है और लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब शिक्षा भी बोली पर बिकने लगी है; मुकदमों और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठ रही है ताकि शैक्षिक शुद्धता बनी रहे।
