वाराणसी
गलियों-सड़कों की बिगड़ी सूरत पर सख्ती, महापौर ने कसा शिकंजा
कमीशनखोरी पर वार, एक रुपये की भी शिकायत पर कड़ी कार्रवाई तय
वाराणसी। नगर निगम क्षेत्र में बिना अनुमति सड़कों की खुदाई पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। महापौर अशोक तिवारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के मूल बजट की सदन बैठक में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी विभाग यदि बिना अनुमति सड़क खोदता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। किसी भी प्रकार के कार्य के लिए पहले नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
महापौर ने निगम में कथित कमीशनखोरी के मामलों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की कोई शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक के दौरान वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2575.44 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को मंजूरी दी गई, जिसमें नगर निगम का 2262.42 करोड़ रुपये और जलकल विभाग का 313.02 करोड़ रुपये शामिल है।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले वंदेमातरम गाया गया। इसके बाद बजट पर चर्चा के दौरान महापौर ने पार्षदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि काशी की सड़कों और गलियों में अव्यवस्थित खुदाई किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडब्ल्यूडी, गेल, बिजली, केबल समेत कोई भी विभाग यदि बिना अनुमति सड़क खोदता है तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज होगी।
महापौर ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा शहर में गैस पाइपलाइन और अंडरग्राउंड बिजली के तार डालने जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन बिना अनुमति और अव्यवस्थित खुदाई से सड़कों और गलियों की स्थिति बिगड़ रही है, जिसे देखते हुए यह सख्ती लागू की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि शहर के समग्र विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार कई मदों में बजट बढ़ाया गया है। राजस्व और विकास व्यय में वृद्धि का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। विशेष रूप से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और यूजर चार्जेस के लिए 66.17 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा सके।
रविवार को टाउनहाल स्थित गांधी भवन के अस्थायी सदन में उपसभापति नरसिंह दास द्वारा बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बाद पार्षदों ने इस पर चर्चा की। इस दौरान पार्षद गुलशन अंसारी, सुरेश चौरसिया, सिंधु सोनकर, इर्देश कुमार और राजेश यादव चल्लू सहित अन्य सदस्यों ने शहर से जुड़ी विभिन्न समस्याएं उठाईं। चर्चा में कुओं की सफाई, पार्कों के रखरखाव और सफाई कर्मियों के समय पर भुगतान जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी पार्षदों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए स्पष्ट किया कि शहर के विकास कार्यों में किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी सवालों का जवाब देते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया।
नगर आयुक्त ने बताया कि जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जलकल विभाग के बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। 313.02 करोड़ रुपये के बजट में पुराने नलकूपों की मरम्मत, नई पाइपलाइन बिछाने और सीवर पंपिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही, पुराने इलाकों में सीवर जाम की समस्या को देखते हुए संचालन और रखरखाव मद में भी पर्याप्त धनराशि निर्धारित की गई है। अमृत योजना के तहत बिछाई गई नई सीवर लाइनों के रखरखाव के लिए भी बजट बढ़ाया गया है।
सदन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर महापौर का रुख सख्त नजर आया। उन्होंने कहा कि विभाग की हर गतिविधि की जिम्मेदारी उनके पास है और यदि एक रुपये के भी कमीशन की शिकायत सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
