मिर्ज़ापुर
गणतंत्र दिवस पर छात्रों और नागरिकों को दी जाएगी संविधान की विस्तृत जानकारी
घंटाघर पर फिर गूंजेगी कविताएं, कवि सम्मेलन की वापसी
मिर्जापुर। इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन ने परंपरागत आयोजनों से हटकर कुछ नया करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय पर्व को विशेष और जागरूकता भरा बनाने के उद्देश्य से संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसकी जानकारी जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एक बैठक के दौरान दी। बैठक में गणतंत्र दिवस समारोह की रूपरेखा तैयार की गई।
संविधान की जानकारी पर जोर
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे छात्रों और नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अंतर के साथ-साथ संविधान की महत्ता पर जानकारी प्रदान करें। इस कार्य के लिए फतहा स्थित गंगा दर्शन पार्क में वृहद बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक में बेसिक शिक्षाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक संविधान से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करेंगे।
डॉक्टर भवदेव पाण्डेय शोध संस्थान की ओर से बताया गया कि 15 अगस्त को “ध्वजारोहण” किया जाता है, जिसमें झंडा नीचे से ऊपर की ओर जाता है, जबकि 26 जनवरी को “झंडा फहराया” जाता है, जिसमें केवल झंडे की डोरी खींची जाती है। इस जानकारी को छात्रों तक पहुंचाने पर भी बल दिया गया।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने निर्देश दिए कि शहीद उद्यान और गांधी घाट पर वह स्वयं माल्यार्पण करेंगी। वहीं, ADM शिव प्रताप शुक्ल बीएलजे स्कूल में शहीद नरेश को श्रद्धांजलि देंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता सैयद कासिम अली ने सुझाव दिया कि घंटाघर पर राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर बंद हो चुके कवि सम्मेलन को पुनः शुरू किया जाए। जिलाधिकारी ने इस पर सहमति जताई और आयोजन की जिम्मेदारी ADM शिव प्रताप शुक्ल को दी।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर लड्डू वितरण को अनिवार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टॉफी या अशुद्ध घी का लड्डू वितरित किया जाता है, जो उचित नहीं है। सभी संस्थाओं को निर्देश दिया गया कि केवल शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण लड्डू ही वितरित करें।
राजपत्रित अधिकारी ही फहराएंगे झंडा
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस बार 26 जनवरी को रविवार होने के कारण राजपत्रित अधिकारी घर नहीं जाएंगे। वे अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर झंडा फहराएंगे। किसी भी कार्यालय में लिपिक स्तर से झंडा फहराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ADM श्री शुक्ल ने कहा कि गणतंत्र दिवस का आयोजन केवल मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। ग्राम पंचायतों में भी झंडा फहराने और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी DPRO को दी गई है। इस बार का गणतंत्र दिवस आयोजन न सिर्फ उत्साहपूर्ण होगा, बल्कि नागरिकों और छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक भी बनेगा।
