अपराध
कोलकाता में जूनियर डॉक्टर की हत्या, आरोपी दोषी करार
20 जनवरी को होगा सजा पर फैसला
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक जूनियर महिला डॉक्टर की हत्या पिछले साल अगस्त में हुई थी। घटना के बाद पूरे देश में भारी गुस्सा और दुख का माहौल था। मामले की जांच में सीबीआई को भी शामिल किया गया था। इस बीच डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में मेडिकल छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए जिनमें मामले के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई।
घटना के करीब 162 दिन बाद सियालदाह अदालत ने आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है।घटना की रात 31 वर्षीय मृतका महिला डॉक्टर अस्पताल में अपनी रात की ड्यूटी कर रही थी और रात के 12 बजे के बाद अपने दोस्तों के साथ डिनर किया था। इसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन सुबह जब अस्पताल में हड़कंप मचा तो चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से महिला डॉक्टर का शव अर्ध नग्न अवस्था में बरामद हुआ।
शव के पास से उनका मोबाइल फोन और लैपटॉप भी मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म हुआ था और शरीर पर चोटों के कई निशान थे। घटना के बाद, महिला डॉक्टर के परिवार को अस्पताल द्वारा सूचित किया गया और जब वे घटनास्थल पर पहुंचे तो वे हैरान रह गए। डॉक्टर की मां ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या की गई और शव की हालत देखकर वह सकते में आ गईं। पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर दी गई।
इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। घटना की जांच के लिए कोलकाता पुलिस की विशेष टीम बनाई गई।जांच के दौरान, पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और संजय रॉय को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया। पुलिस को संजय रॉय के पास से टूटे हुए ब्लूटूथ हेडफोन का तार मिला जो कि सीसीटीवी फुटेज में पाया गया था। इसके बाद पुलिस ने उसे अपराधी मानते हुए गिरफ्तार किया।
इसके बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।सीबीआई ने आरोपी संजय रॉय के खिलाफ चार्जशीट दायर की और उसे मामले का इकलौता दोषी बताया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान 50 गवाहों के बयान लिए गए और अंत में 18 जनवरी को संजय रॉय को दोषी ठहराया गया।
