गोरखपुर
कागजात मांगने पर डंपर चालक बेकाबू, नायब तहसीलदार-होमगार्ड को कुचलने की कोशिश
गोरखपुर। खनन से जुड़े कागजात मांगने पर मिट्टी लदे एक डंपर चालक ने नायब तहसीलदार और होमगार्ड को कुचलने की कोशिश की। यह घटना गोला-कौड़ीराम मार्ग पर रानीपुर गांव के पास सात दिन पहले हुई थी। बताया गया कि नायब तहसीलदार गोरखपुर महोत्सव की ड्यूटी से लौट रहे थे। मामले में होमगार्ड द्वारा अगले दिन तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने सात दिन बाद मुकदमा दर्ज किया है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
उरुवा थाना क्षेत्र के मठ भताड़ी निवासी होमगार्ड योगेंद्र यादव के अनुसार, उनकी ड्यूटी तहसीलदार के साथ हमराही के रूप में लगी थी। 13 जनवरी की रात करीब 12 बजे तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य, नायब तहसीलदार गोला रमाकांत चौहान और नायब तहसीलदार बड़हलगंज जयप्रकाश के साथ वे गोरखपुर महोत्सव की ड्यूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान रानीपुर गांव के पास मिट्टी लदे एक डंपर को रोका गया और चालक से वाहन स्वामित्व तथा खनन संबंधी कागजात मांगे गए।

आरोप है कि चालक ने मिट्टी को जितेंद्र यादव पुत्र दयाशंकर यादव निवासी रानीपुर और पंकज यादव निवासी भूपगढ़ की बताते हुए कोई वैध कागजात नहीं दिखाया। तहसीलदार के निर्देश पर होमगार्ड योगेंद्र यादव डंपर में बैठकर उसे तहसील परिसर ले जा रहे थे। रास्ते में चालक ने डंपर को पेड़ से टकराकर पलट देने की धमकी दी और वाहन में रखी कुल्हाड़ी व राड से हमला करने का प्रयास किया। इससे घबराकर होमगार्ड डंपर से नीचे उतर गया।
इसके बाद चालक ने मिट्टी गिरा दी और तेज रफ्तार में वाहन मोड़कर होमगार्ड योगेंद्र यादव और नायब तहसीलदार रमाकांत चौहान को कुचलने के लिए डंपर दौड़ा दिया। दोनों किसी तरह जान बचाकर मौके से हट गए। होमगार्ड ने अगले दिन थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए मुकदमा दर्ज नहीं किया।
इस संबंध में तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य ने बताया कि तहरीर तत्काल दे दी गई थी। वहीं, थाने का प्रभार देख रहे इंस्पेक्टर क्राइम विनय यादव ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई। सीओ गोला दरवेश सिंह ने कहा कि जानकारी मिलते ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। आरोपित चालक को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
