गाजीपुर
कड़ाके की ठंड से कांप रहे बेजुबान, पशुपालक परेशान
भांवरकोल (गाजीपुर) जयदेश। सर्दी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। आम लोगों के साथ-साथ इस मौसम का असर बेजुबान जानवरों पर भी देखा जा रहा है। इंसान किसी तरह गर्म कपड़े, अलाव और अन्य साधनों से अपने शरीर को ठंड से बचा पाने में सक्षम हैं, लेकिन सबसे अधिक परेशानी बेजुबान पशुओं को हो रही है। अधिकतर किसानों के पशु छप्पर या पेड़ की छाया के नीचे बंधे रहते हैं। दिन में धूप से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन रात में किसानों के साथ पशु भी ठिठुरते नजर आते हैं।

यद्यपि ठंड का मौसम पशुओं के लिए एक सामान्य और स्वस्थ मौसम माना जाता है, फिर भी इस दौरान उनकी देखभाल विशेष ध्यान और सही तरीके से की जानी चाहिए। क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में पशुपालन करते समय पशुओं के आवास प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि पशुशाला के दरवाजे और खिड़कियों पर बोरे लगाकर उन्हें सुरक्षित किया जाए। जहां पशु विश्राम करते हैं, वहां पुआल, भूसे, और पेड़ों की पत्तियां बिछाने की आवश्यकता होती है।
डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि ठंड के मौसम में पशुओं को कभी ठंडा चारा और दाना नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे उन्हें ठंड लग सकती है। पशुओं को अधिक मात्रा में सरसों की खल्ली और हरा चारा खिलाना चाहिए। इस प्रकार की सावधानियों से पशुओं को सर्दी से राहत मिल सकती है और उनकी सेहत भी बनी रह सकती है।
