गोरखपुर
एमएमएमयूटी में “जनरेटिव एआई एवं ब्लॉकचेन इन आईओटी” विषय पर एक सप्ताहीय एफडीपी का शुभारंभ
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर के सूचना प्रौद्योगिकी एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन (आईटीसीए) विभाग द्वारा “एक्सप्लोरिंग जनरेटिव एआई एंड ब्लॉकचेन इन आईओटी (EGB-IoT-2026)” विषय पर एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ सोमवार को अटल भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में किया गया। यह कार्यक्रम 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. वी. के. गिरी, डीन, फैकल्टी अफेयर्स, एमएमएमयूटी, गोरखपुर रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डा० अमरेंद्र सिंह यादव, सहायक प्रोफेसर, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, वित्त नियंत्रक, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, अध्यक्ष आइटीआरसी, परीक्षा नियंत्रण, संकाय सदस्य, शोधार्थी, प्रतिभागी, मीडिया प्रतिनिधि एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ, जो ज्ञान, शोध एवं नवाचार के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन देते हुए एफडीपी के अध्यक्ष एवं आईटीसीए विभागाध्यक्ष प्रो. डी. एस. सिंह ने कहा कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी उभरती प्रौद्योगिकियाँ शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम संकाय सदस्यों के ज्ञानवर्धन एवं कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एफडीपी के समन्वयक डॉ. ऑडिथन सिवरामन, एसोसिएट प्रोफेसर, आईटीसीए विभाग ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं सत्रों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस एफडीपी का उद्देश्य प्रतिभागियों को अत्याधुनिक तकनीकों की गहन समझ प्रदान करना तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराना है।
विशिष्ट अतिथि डा० अमरेंद्र सिंह यादव, सहायक प्रोफेसर, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन तकनीक तथा आईओटी के समन्वय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये तकनीकें भविष्य की स्मार्ट एवं बुद्धिमान प्रणालियों की आधारशिला हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को नवाचार, अनुसंधान एवं उद्योगोन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. वी. के. गिरी ने अपने उद्घाटन संबोधन में आईटीसीए विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में संकाय सदस्यों के लिए निरंतर प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से इस एफडीपी का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
उद्घाटन सत्र के उपरांत हाई टी का आयोजन किया गया, जिसके बाद एफडीपी का प्रथम तकनीकी सत्र डा० अमरेंद्र सिंह यादव, सहायक प्रोफेसर, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर द्वारा लिया गया, जिससे इस सप्ताहव्यापी कार्यक्रम की एक सार्थक एवं ज्ञानवर्धक शुरुआत हुई।
