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एनडीआरएफ ने बाढ़ आपदा से निपटने को किया मोबलाइजेशन ड्रिल
डूबते लोगों को बचाने के तरीके बताए, एनडीआरएफ जवानों ने प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का दिया प्रशिक्षण
कुशीनगर। जिले के हेतिमपुर में बाढ़ आपदा से बचाव की तैयारियों को परखने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से आपदा राहत टीम, एनडीआरएफ तथा अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा मोबलाइजेशन ड्रिल का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास छोटी गंडक नदी क्षेत्र में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों के तहत आयोजित किया गया।
11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ गोरखपुर के निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में यह मोबलाइजेशन ड्रिल संपन्न हुई। अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर निर्माणाधीन तटबंध पर आयोजित इस मॉकड्रिल में जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की संयुक्त भागीदारी रही। मॉकड्रिल का संचालन निरीक्षक धीरेंद्र सिंह तथा समन्वय आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय द्वारा किया गया।
ड्रिल के दौरान छोटी गंडक नदी में पांच प्रकार की आपदा स्थितियों पर अभ्यास किया गया। दोपहर एक बजे पहली ड्रिल प्रारंभ हुई, जिसमें नाव के पलटने की स्थिति को दर्शाया गया। अभ्यास के दौरान दिखाया गया कि ऐसी आपात स्थिति में एनडीआरएफ की टीम तुरंत एक बोट के माध्यम से मौके पर पहुंचती है और डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालती है। इसके बाद बचाए गए व्यक्तियों को मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा एवं चिकित्सीय सहायता प्रदान की जाती है।
मॉकड्रिल के माध्यम से एनडीआरएफ के जवानों ने यह भी प्रदर्शित किया कि डूबते व्यक्ति को किस प्रकार सुरक्षित बचाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सीपीआर कैसे दिया जाए। सीपीआर देने की वैज्ञानिक विधि को भी विस्तार से समझाया गया, ताकि आपदा के समय त्वरित और सही तरीके से जीवनरक्षक कदम उठाए जा सकें।
