वाराणसी
ईद-उल-फितर पर उमड़ा जनसैलाब, गूंजी मुबारकबाद
नमाज के बाद बांटी गई खुशियां, गरीबों में हुआ सदका-फितरा वितरण
वाराणसी। पाक रमजानुल मुबारक के मुकम्मल होने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार शहर में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर जिले भर की ईदगाहों और मस्जिदों में हजारों रोजेदार अल्लाह की बारगाह में सिर झुकाने के लिए उमड़ पड़े और अमन-चैन व तरक्की की दुआएं मांगीं।
अल्लाह की मेहरबानी के प्रति शुकराने के तौर पर अदा की गई नमाज में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। नमाज के बाद लोगों ने गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों में सदके व फितरे का वितरण किया। पेश इमाम साहबान ने खुत्बे में रमजान के रोजों, नमाज, जकात और हज सहित इस्लाम के पांचों फर्ज की अहमियत बयान की।
नमाज के उपरांत लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों में मीठी सिवइयों, शाही टुकड़ों समेत विभिन्न व्यंजनों की दावतों का सिलसिला शुरू हो गया। मुस्लिम बहुल इलाकों में पूरे दिन लोग एक-दूसरे के घर जाकर बधाई देते रहे।

सुबह से ही मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोग गुस्ल के बाद सफेद परिधानों में सजे-धजे ईदगाहों और मस्जिदों की ओर रवाना हुए, जिससे रास्तों में इत्र की खुशबू फैल गई। बच्चे भी बड़ों के साथ ईदगाह पहुंचे और सभी ने एक साथ बिना किसी भेदभाव के नमाज अदा की, जबकि खवातीनों ने घरों में ईद की नमाज अदा की।
ज्ञानवापी मस्जिद में भी परंपरागत रूप से हजारों नमाजियों ने नमाज अदा की। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और नमाजियों को कतारबद्ध तरीके से गेट नंबर चार से प्रवेश दिया गया।
नदेसर स्थित जामा मस्जिद में नमाजियों की अधिक संख्या के कारण मस्जिद भर जाने पर बाद में पहुंचे लोगों ने सीढ़ियों पर नमाज अदा की। हालांकि नियमों का पालन करते हुए कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत विभिन्न स्थानों और मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा तथा अधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी करते रहे।
