सियासत
इस वजह से बीजेपी के हाथ से निकली अयोध्या की सीट
दो दिनों पूर्व सपा और कांग्रेस ने भी खेला बहुत बड़ा खेल
अयोध्या। उत्तर प्रदेश का अयोध्या जिला कोई संसदीय क्षेत्र नहीं बल्कि फैजाबाद संसदीय क्षेत्र में आता है । अयोध्या में 2024 में ही 500 वर्षों के इंतजार के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बना और रेलवे स्टेशन का भी भव्य निर्माण किया गया। अयोध्या में मंदिर के निर्माण और सड़कों के चौड़ीकरण के सहित मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए वहां बहुत से अतिक्रमण हटाए गए। इसमें जिन लोगों के घरों और दुकानों को तोड़ा गया उन्हें मुआवजा नहीं मिला। इसका भी लोकसभा के चुनाव में गंभीर असर पड़ा। नाराज लोगों ने भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं किया, बल्कि इंडी गठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। दो दिन पहले सपा और कांग्रेस के गठबंधन ने भी बड़ा खेल खेला।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में यह ऐलान किया था की चुनाव जीतने के बाद वह बेरोजगारों को रोजगार देगी तथा महिलाओं के बैंक अकाउंट में हर महीने खटाखट खटाखट खटाखट 8,500 पहुंच जाएंगे। इस तरह सालाना एक लाख सरकार देगी इसके लिए गारंटी कार्ड भरवारा गया था। इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का हस्ताक्षर भी था। इससे महिलाओं ने इंडी गठबंधन के पक्ष में मतदान किया। अब वहीं महिलाएं गारंटी कार्ड लेकर कांग्रेस के दिल्ली से लेकर लखनऊ तक के कार्यालय में पहुंच रही है और यह मांग कर रही है कि उनसे जो गारंटी कार्ड भरवाया गया है उसका भुगतान किया जाए।
सूत्रों ने बताया कि, अयोध्या में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए जो घरें और दुकानें तोड़ी गई है उसका मुआवजा नहीं दिया गया इसके लिए अयोध्या का जिला प्रशासन और इससे जुड़े अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
