पूर्वांचल
इलाज में लापरवाही से मरीज की हालत गंभीर, शिकायत करने पर अस्पताल से भगाया
चंदौली। जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र के निजी अस्पताल पर मरीज के परिजनों ने वहां के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है और बिना सही इलाज के अस्पताल से बाहर भगा देने की बात कही है। पीड़ित ने बताया कि, निजी अस्पताल की मनमानी एवं गलत उपचार के चलते अक्सर पेशेंट परेशान होते रहते हैं। वहीं ऊंची पहुंच और अपने मैनेजमेंट के चलते उनपर कोई कार्रवाई नहीं होती है। स्वास्थ्य विभाग भी इनके मामले पर चुप्पी साध लेता है।
चंदौली के पुरवा आकोढ़ा कला गांव की रहने वाली प्रमिला देवी ने मुगलसराय में स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर गलत उपचार और बदतमीजी का आरोप लगाते हुए अलीनगर थाने में प्रार्थना पत्र दिया है कि उनके पति दरोगा गोड़ के किडनी में पथरी होने का ऑपरेशन मुगलसराय के निजी अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा किया गया। ऑपरेशन के दूसरे दिन ही मरीज के मूत्र नली के रास्ते ब्लड आने लगा। जिस पर परिजनों द्वारा डॉक्टर से गुहार लगाई गई तो डॉक्टर ने कहा कि ठीक हो जाएगा।
पेशेंट को एक हफ्ते बाद डिस्चार्ज कर दिया गया और घर जाने के दूसरे दिन ही फिर ब्लड आने लगा। 4 अगस्त को पेशेंट की हालत बिगड़ने पर जब डॉक्टर से पूछा गया तो डॉक्टर ने मरीज और परिजनों से दुर्व्यवहार करते हुए आधी रात को पेशेंट को हॉस्पिटल से बाहर कर दिया और जांच रिपोर्ट भी कुछ नहीं दिया। परिजनों ने पेशेंट की हालत गंभीर होने पर दूसरे अस्पताल में भर्ती कराकर उनका उपचार करा रहे हैं।
मंगलवार को पीड़िता प्रमिला देवी अलीनगर थाने पर पहुंचकर उपचार के हर्जाने के साथ पेशेंट के साथ गलत उपचार एवं दुर्व्यवहार करने पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए थाना अध्यक्ष से गुहार लगाई।
