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गोरखपुर

अवैध कब्जे के विरोध में पत्रकार की पीटकर हत्या

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पत्रकार हत्याकांड में गिरफ्तारी से बचने का प्रयास, मौत की सूचना के बाद अस्पताल पहुंचा आरोपी

आरोपी प्रिंस सिंह पहले भी कर चुका है हत्या

गोरखपुर। जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र में अवैध कब्जे के विरोध में एक पत्रकार की पीटकर निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। मृतक पत्रकार अग्निवेश सिंह गोरखपुर प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य थे। घटना के 24 घंटे बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों और पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मामले की पृष्ठभूमि 1 नवंबर 2023 से जुड़ी बताई जा रही है, जब संजय सिंह द्वारा गली पर अवैध कब्जा करने का प्रयास शुरू किया गया था। इसका विरोध अग्निवेश सिंह के पिता ने किया और थाने व एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दी। तहसील प्रशासन ने लेखपाल और कानूनगो से जांच कराकर अवैध अतिक्रमण की आख्या रिपोर्ट तत्कालीन एसडीएम को भेजी, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। इससे कब्जाधारियों के हौसले लगातार बढ़ते चले गए।

आरोप है कि 27 फरवरी 2026 की सुबह जबरन नाली निर्माण का प्रयास किया गया। अग्निवेश सिंह द्वारा विरोध करने पर संजय सिंह, सौरभ सिंह, पूनम सिंह, प्रिंस सिंह और हिमांशु पुत्र अजय सिंह ने लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और नुकीले हथियारों से हमला कर दिया। बचाव में पहुंचे एक अधिवक्ता तथा अग्निवेश सिंह के माता-पिता को भी गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल अग्निवेश सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी प्रिंस सिंह पूर्व में भी हत्या के मामले में संलिप्त रह चुका है, जबकि आरोपी सौरभ सिंह ने मारपीट में मौत की सूचना मिलने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी चोट बनवाकर अस्पताल में भर्ती होने का सहारा लिया। परिजनों ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।

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