गाजीपुर
अमदहीं के सीआरपीएफ हवलदार का निधन, तिरंगा यात्रा में युवाओं ने दी श्रद्धांजलि
सैनिक सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार
गाजीपुर। खानपुर के अमदही गांव निवासी 54 वर्षीय हवलदार रामलाल यादव का निधन ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से हो गया। यह दुखद सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनका शव उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
रामलाल यादव सीआरपीएफ की बटालियन 142 में तैनात थे और वर्तमान में असम के गोलाघाट में सेवा दे रहे थे। वह हाल ही में एक शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी पर घर आए थे और 16 दिसंबर को वापस ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पत्नी ने बताया कि निधन से पहले रामलाल से बात हुई थी, और उन्होंने सीने और शरीर में दर्द की शिकायत की थी। पत्नी द्वारा दवा लेने की सलाह देने के बाद उनका फोन बंद हो गया और फिर यह दुखद समाचार आया कि उनका निधन हो गया।

निधन की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर सीआरपीएफ के जवानों द्वारा सैनिक सम्मान के साथ उनके घर लाया गया। भीषण सर्दी के बावजूद गांव के युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालते हुए पार्थिव शरीर के साथ नारे लगाए और उनके घर तक पहुंचे। रामलाल यादव के परिवार में पत्नी सभति देवी, एक पुत्र, और तीन पुत्रियां हैं, जो शोक के महासागर में डूबे हुए हैं।
अंतिम संस्कार के लिए रामलाल यादव का शव उनके घर से सैदपुर के जौहरगंज स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। इस दौरान सैकड़ों युवाओं ने बाइक से तिरंगा यात्रा निकाली। श्मशान घाट पर सीआरपीएफ के जवानों ने पूरे सैनिक सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। इस मौके पर वाराणसी से आई सीआरपीएफ की कंपनी के जवानों के साथ भुजहुआं चौकी इंचार्ज महेंद्र तिवारी, प्रमोद यादव, रामखेलावन यादव, राकेश यादव आदि उपस्थित रहे।
