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अपराधियों के लिए काल बनें जौनपुर के एसपी अजय पाल शर्मा

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सीएम योगी ने आईपीएस अजय पाल शर्मा को क्राइम कंट्रोलिंग मामले में कर चुके हैं सम्मानित

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के एसपी अजय पाल शर्मा इस समय पुलिस विभाग में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं जौनपुर की पुलिस ने उनके मार्गदर्शन में 75 एनकाउंटर किए हैं, जिसमें कुख्यात शातिर बदमाश आनंद सागर यादव, बिहार के बाहुबली सहाबुद्दीन गैंग के लिए काम करने वाले सुमित सिंह उर्फ मोनू चवन्नी तथा एक लाख के इनामी बदमाश प्रशांत सिंह प्रिंस को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ अजय पाल शर्मा को क्राइम कंट्रोल के चलते सम्मानित कर चुके हैं। जिस जनपद में अजय पाल शर्मा की तैनाती होती है ,वहां आम आदमी खुद को सुरक्षित महसूस करने लगता है। उनकी कार्यशैली से अपराधियों के मन में खौफ देखने को मिलता है। किसी एक जनपद में 75 मुठभेड़ करने वाले वे इकलौते आईपीएस अधिकारी हैं। आईपीएस बनने से पहले उन्होंने डेंटिस्ट की डिग्री ली थी। अजय पाल शर्मा आईपीएस बनने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में थी। दूसरी पोस्टिंग मथुरा में थी।

सहारनपुर में ट्रेनी के बाद डॉ अजय पाल शर्मा को जुलाई, 2013 में जनपद मथुरा में डीएसपी के पद पर तैनात किया गया था। इसी दौरान डॉ अजय पाल शर्मा ने दिल्ली पुलिस के लिये सिर दर्द बने बहुचर्चित उबर रेपकांड का खुलासा करते हुए आरोपी ड्राइवर शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते रेप कांड के आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

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2011 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ अजय पाल शर्मा अभी तक 200 से अधिक अपराधियों का एनकाउंटर कर चुके हैं । समाज से अपराध और अपराधियों का सफाया करना उनका मिशन रहा। अजय पाल शर्मा जब शामली के एसपी थे, तब भी उन्होंने कई एनकाउंटर किए। योगी सरकार में उनके एनकाउंटरों की तारीफ भी हुई। उसके बाद उन्हें नोएडा जैसे शहर का एसएसपी बनाया गया। रामपुर के एसपी पद पर तैनात रहते हुए वे आजम खान पर कार्रवाई के लिए काफी चर्चित हुए। यहां अजय पाल शर्मा ने एक 6 साल की बच्ची से रेप और हत्या के आरोपी को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था।

गाजियाबाद एसपी सिटी रहते हुए डॉ अजय पाल शर्मा ने सबसे बड़े सट्टा माफिया चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा पर कार्रवाई करते हुए उसे जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया था और प्रशासन के साथ मिलकर चतुरा की तकरीबन 350 करोड़ रूपये की काली कमाई की सम्पत्ति को जब्त करवाया। यही उन्होंने एनकाउंटर की शुरुआत करते हुए 50 हजार के इनामी बदमाश फिरोज उर्फ पव्वा को मुठभेड़ में मार गिराया।

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