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चन्दौली

अखंड ज्योति स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया

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पीडीडीयू नगर (चंदौली)। परोरवा के प्रज्ञा पुरम में अखंड ज्योति स्कूल में 77 वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक शिव शंकर पाल व उप प्रधानाचार्य रीमा पाल के द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के बाद सभी बच्चे व बच्चों के अभिभावक व सभी अध्यापकों द्वारा मिलकर राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के बाद गणेश वंदना व सरस्वती वंदना विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके बाद विद्यालय के बच्चों द्वारा बेटी हिंदुस्तान की नाटक प्रस्तुत किया गया जिसको क्रीजल काजल दिव्यांजलि गुड़िया लक्ष्मी आकांक्षा ने प्रस्तुत किया।

तितली उड़ी बस पर चढ़ी प्रस्तुत किया गया जिसको लाडो निहारिका रुद्र ओम आकांक्षा विद्या अभय ने प्रस्तुत किया। इसके बाद छोटे-छोटे सपने वह अपने है इसको सुनैना राधिका वैष्णवी अनंत अनुष्का ने प्रस्तुत किया। फिर एक नाटक का मंचन हुआ जिसका थीम था कश्मीर जिगर का टुकड़ा इस नाटक को सिद्धार्थ यादव प्रियांशु चौहान ने प्रस्तुत किया। रंगीलो मारो ढोलना पर प्रस्तुत किया गया, जिसको रिया रोली ने प्रस्तुत किया।

इसी तरह जोगाड़ तारा नचले नचले सास बहू आदि नाटक  मंचन किया गया। कार्यक्रम के बीच में विद्यालय उप प्रधानाचार्य रीमा पाल ने गणतंत्र दिवस पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्र को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के गौरव सम्मान और संवैधानिक अधिकार का दिन है। 26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना। स्वतंत्रता सेनानियों महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों के साथ ही देश के लिए अनेक ज्ञात अज्ञात बलिदान देने वाले सेनानियों की याद दिलाता है। जिन्होंने हमें आजादी और संवैधानिक भारत दिया। हमें समानता स्वतंत्रता और भाईचारे का अधिकार देता है और यह बताता है कि कानून सबके लिए एक बराबर है।

इसके बाद उन्होंने कहा कि आज के बढ़ते हुए परिवेश में शिक्षा हर वर्ग के लिए जरूरी हो गया है खासकर उन असहाय व निर्धन लड़के लड़कियों के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है जो पैसे के अभाव में शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते। मैं ऐसे ही लोगों को हमेशा तलाश कर अपने विद्यालय में शिक्षा देने का कार्य करती हूं क्योंकि यह विद्यालय क्षेत्र का सबसे पुराना विद्यालय माना जाता है। यहां से पढ़े हुए कई बच्चे आज समाज में ऊंची मुकाम हासिल कर अपना व अपने समाज का अपने गांव अपने नगर अपने शहर सहित जिले जिले के साथ-साथ देश व प्रदेश में नाम रोशन कर रहे हैं।

इसके बाद विद्यालय के बच्चों द्वारा वीर सपूतों के लिए कई भाषण प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर पर विद्यालय के सभी अध्यापक व अध्यापिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को अल्पाहार देकर विदा किया गया।

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