वाराणसी
SIR के बाद विधानसभा मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी, बूथों पर सूचियां चस्पा
रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों की जांच हुई, सूची में पुष्टि नहीं
वाराणसी। विधानसभा मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद वाराणसी में प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट) प्रकाशित कर दी गई है। एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिह्नित करने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की टीम भी जांच-पड़ताल में लगी रही, हालांकि मतदाता सूची में ऐसे लोग कितने मिले, यह स्पष्ट नहीं हो सका। जिलों में डिटेंशन सेंटर (हिरासत केंद्र) बनाए जाने की चर्चा भी रही, लेकिन किसी सेंटर में बांग्लादेशी या रोहिंग्या दिखाई नहीं दिए।
एसआईआर के गणना प्रपत्रों के आधार पर मतदाता सूची का आलेख प्रकाशन हो चुका है। नो मैपिंग वोटरों की सूची बूथों पर चस्पा कर दी गई है। वहीं एएसडी यानी गणना प्रपत्र भरते समय अनुपस्थित, शिफ्टेड और मृत मतदाताओं की सूची भी बूथों पर पढ़ी जा चुकी है। इसके बावजूद इस दौरान गणना टीम की ओर से मतदाता सूची में पहले से शामिल रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की गई है।
एसआईआर प्रक्रिया के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाता अपना नाम देख सकते हैं। कोई व्यक्ति यह जांचना चाहता है कि एसआईआर के बाद उसका नाम सूची में है या नहीं, तो वह ऑनलाइन भी जांच कर सकता है। इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर जाना होगा। वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “स्पेशल इनटेंसिव रीविजन (एसआईआर)-2026” शीर्षक से एक पॉप-अप विंडो खुलेगी, जिसमें “सर्च योर नेम बाई ईपिक नंबर इन ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल एसआईआर 2026” टैब पर क्लिक करना होगा। इसके बाद खुलने वाली स्क्रीन पर ईपिक नंबर वाले बॉक्स में अपना ईपिक नंबर दर्ज कर कैप्चा भरने के बाद क्लिक करने पर, यदि नाम प्रारूप मतदाता सूची में होगा तो वह प्रदर्शित हो जाएगा। यदि उत्तर प्रदेश के किसी भी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की प्रारूप सूची में नाम उपलब्ध नहीं है, तो स्क्रीन पर “नो रिजल्ट फाउंड” दिखेगा।
यदि मतदाता सूची में नाम नहीं है तो बीएलओ से संपर्क कर मतदाता बनने के लिए आवेदन किया जा सकता है। वहीं यदि त्रुटिवश नाम कट गया है, तो दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर अभी उपलब्ध है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया 6 फरवरी तक की जा सकेगी। आयोग के निर्देश के अनुसार 27 फरवरी तक नोटिस जारी करने के साथ निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद 6 मार्च में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
