शिक्षा
QS रैंकिंग में IIT BHU का शानदार प्रदर्शन, कई विषयों में वैश्विक स्तर पर बड़ी छलांग
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाई सब्जेक्ट 2026 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। संस्थान के सात विषयों ने दुनिया के शीर्ष 300 में स्थान हासिल किया है, जो इसके शैक्षणिक और शोध कार्यों में हुए बड़े सुधार को दर्शाता है। इस वर्ष आईआईटी बीएचयू के 14 में से 13 विषयों को रैंकिंग में जगह मिली है, जो पिछले वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
संस्थान के कई कोर इंजीनियरिंग विषयों में 200 से अधिक स्थानों का सुधार दर्ज किया गया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और फार्मेसी ने 201-250 बैंड में जगह बनाई है, जबकि सिविल इंजीनियरिंग ने पहली बार 201-275 वैश्विक बैंड में प्रवेश किया है। कंप्यूटर साइंस में सबसे बड़ा सुधार देखने को मिला है, जो 2025 में 751-850 बैंड से बढ़कर सीधे 251-300 बैंड में पहुंच गया। वहीं केमिकल और मैटेरियल साइंस ने भी 251-300 बैंड में अपनी स्थिति मजबूत की है।

बायोलॉजिकल साइंसेज ने पहली बार 651-700 रैंकिंग के साथ सूची में स्थान बनाया है। समग्र इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी श्रेणी में भी संस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है और पिछले वर्ष के 501-550 बैंड से आगे बढ़कर इस बार 332वें स्थान पर पहुंच गया है। नेचुरल साइंस श्रेणी में संस्थान को 451-500 बैंड में रखा गया है।
इसके अतिरिक्त गणित को 301-350, फिजिक्स को 351-400 और एनवायरमेंटल साइंस को 401-450 बैंड में स्थान मिला है, जिससे इन विषयों की स्थिति भी मजबूत हुई है। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने इसे संस्थान के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा कि 14 में से 13 विषयों का रैंकिंग में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि अब संस्थान का फोकस वैश्विक सहयोग को बढ़ाने और शोध के प्रभाव को और मजबूत करने पर रहेगा, ताकि इस प्रगति को आगे भी बनाए रखा जा सके।
यह रैंकिंग शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, प्रति शोध पत्र उद्धरण, एच-इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क जैसे मानकों के आधार पर तय की गई है, जिनमें आईआईटी बीएचयू ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
