राष्ट्रीय
DGCA का फैसला – हर उड़ान से पहले बोइंग 787 की जांच जरूरी
DGCA ने बोइंग 787 विमानों की सुरक्षा जांच के लागू किये नये नियम
नई दिल्ली। 12 जून को अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया (Air India) विमान हादसे के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने देशभर में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा जांच प्रक्रिया को और अधिक कठोर कर दिया है। यह सख्त निर्देश 15 जून 2025 की रात 12 बजे से प्रभाव में आएंगे।
DGCA ने एयर इंडिया के बेड़े में शामिल सभी 33 बोइंग 787 विमानों (26 बोइंग 787-8 और 7 बोइंग 787-9) के लिए तकनीकी जांच के सख्त मानदंड तय किए हैं। इन सभी विमानों में GEnx इंजन लगाए गए हैं।
DGCA के निर्देशों के अनुसार अब उड़ान से पहले ईंधन प्रणाली, केबिन एयर कंप्रेसर, इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल सिस्टम, इंजन एक्ट्यूएटर और ऑयल सिस्टम की गहन जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही हाइड्रोलिक सिस्टम की सर्विसेबिलिटी और टेक-ऑफ पैरामीटर्स की भी समीक्षा होगी।

फ्लाइट कंट्रोल की ट्रांजिट इंस्पेक्शन अब प्रत्येक उड़ान से पहले की जाएगी और पावर एश्योरेंस चेक अगले दो सप्ताह के भीतर सभी विमानों पर पूरा करना होगा। इसके अलावा, पिछले 15 दिनों में दोहराई गई तकनीकी खामियों की समीक्षा कर मेंटेनेंस कार्रवाई जल्द पूरी करनी होगी।
DGCA ने सभी एयरलाइंस से इन जांचों की विस्तृत रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से जमा करने का निर्देश दिया है। वहीं, हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है। हादसे का ब्लैक बॉक्स 13 जून को दुर्घटनास्थल की इमारत की छत से बरामद किया गया है। जांच में बोइंग, GE एयरोस्पेस, अमेरिका की NTSB और ब्रिटेन की AAIB की टीमें भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद पहुंचकर घटनास्थल और सिविल हॉस्पिटल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संयुक्त रूप से राहत व बचाव कार्यों की निगरानी की। इस अभियान में NDRF, सेना, पुलिस व फायर ब्रिगेड के कुल 130 कर्मियों ने भाग लिया।
टाटा ग्रुप (एयर इंडिया) ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है। हादसे में मारे गए 265 लोगों के शवों का पोस्टमार्टम सिविल हॉस्पिटल में किया जा रहा है। अब तक 6 शवों की पहचान हो चुकी है जबकि बाकी की पहचान के लिए 200 डीएनए सैंपल जुटाए गए हैं।
