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BHU : नौ महीने के बच्चे की जटिल सर्जरी सफल, माता-पिता के छलके आंसू

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वाराणसी। आईएमएस बीएचयू के डॉक्टरों ने 9 महीने के बच्चे की जटिल सर्जरी कर एक साथ किडनी और पेशाब की थैली से पथरी निकाली। यूरोलॉजी विभाग की टीम ने थूलियम फाइबर लेजर तकनीक से पहली बार इतनी कम उम्र के बच्चे की सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सर्जरी सफल होने के बाद माता-पिता के आंसू छलक पड़े।

करीब दो घंटे तक चली इस सर्जरी में बच्चे की पेशाब की थैली से 1.5 सेंटीमीटर और बाईं किडनी से 2.5 सेंटीमीटर की पथरी निकाली गई। सर्जरी के पांच दिन बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गया।

गाजीपुर निवासी इस बच्चे को लंबे समय से पेशाब करने में परेशानी हो रही थी। परिजनों ने BHU के यूरोलॉजी विभाग में संपर्क किया, जहां एसोसिएट प्रो. डॉ. यशस्वी सिंह की जांच में पथरी का पता चला। डॉक्टरों ने परिजनों की अनुमति से तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया।

डॉक्टरों की टीम ने रचा नया कीर्तिमान IMS BHU के निदेशक प्रो. एसएन संखवार और यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. समीर त्रिवेदी के मार्गदर्शन में सर्जरी को अंजाम दिया गया। ऑपरेशन टीम में डॉ. उज्जवल कुमार, डॉ. ललित कुमार, डॉ. अविरल और डॉ. मदन शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अरविंद और नर्सिंग स्टाफ भगवान ने भी सहयोग किया।

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लेजर तकनीक से कम समय में रिकवरी डॉ. यशस्वी ने बताया कि थूलियम फाइबर लेजर तकनीक से मरीज को दो अलग-अलग सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। यह तकनीक कम आक्रामक होने के साथ ही तेज रिकवरी में मददगार होती है। लेजर सर्जरी से खून की कमी भी कम होती है और अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी घट जाती है। इस तकनीक से मरीज जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकता है।

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