धर्म-कर्म
मां अन्नपूर्णा के महाव्रत का आज होगा समापन, धान की बालियों से सजा गर्भगृह
वाराणसी। सुख-समृद्धि की प्रतीक मां अन्नपूर्णा के 17 दिवसीय महाव्रत का समापन शनिवार को होगा। इस अवसर पर श्रद्धालु मां का दर्शन-पूजन कर अपने व्रत का पारण करेंगे। मंदिर के गर्भगृह और परिसर को धान की बालियों से भव्य रूप से सजाया गया है। सुबह मंगला आरती के साथ मंदिर में दर्शन-पूजन का शुभारंभ होगा।
किसानों ने अर्पित की पहली फसल
शुक्रवार को पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने अपनी पहली धान की फसल मां अन्नपूर्णा के चरणों में अर्पित की। वर्षों पुरानी इस परंपरा में किसान अपनी समृद्धि का प्रतीक स्वरूप धान मां को समर्पित करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भोग आरती के समय भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
धक्का-मुक्की में चोटिल हुए श्रद्धालु
माता को भोग अर्पित करने के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई। भीड़ प्रबंधन में कमी के कारण कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसमें कुछ श्रद्धालु मामूली रूप से चोटिल हो गए।
शनिवार को व्रत का पारण
शनिवार को श्रद्धालु अपने व्रत का पारण कर महाव्रत को संपन्न करेंगे। इस अवसर पर माता अन्नपूर्णा की फेरी का भी आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। मंदिर प्रशासन ने दर्शन-पूजन के दौरान व्यवस्था सुधारने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का दावा किया है। मंदिर के पवित्र वातावरण और धान से सजे गर्भगृह के बीच, श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त करने के लिए उमंग और भक्ति से परिपूर्ण रहेंगे।
