धर्म-कर्म
20 अक्टूबर को मनाया जाएगा करवा चौथ का पर्व, नोट करें चंद्रोदय का समय
करवा चौथ एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। इस दिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखते हुए सोलह श्रृंगार करती हैं और एकत्र होकर करवा माता की पूजा करती हैं। इस बार करवा चौथ 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा जिसका शुभ मुहूर्त शाम 5:46 बजे से लेकर 8 बजे तक है।ज्योतिषाचार्य विनय पाण्डेय के अनुसार, इस व्रत की परंपरा सतयुग से चली आ रही है।

इसे सावित्री के पतिव्रता धर्म से जोड़ा जाता है, जब उन्होंने अपने पति को यमराज से वापस लाने के लिए दृढ़ता दिखाई। इसी प्रकार की दूसरी कथा द्रौपदी की है, जिन्होंने अर्जुन की सुरक्षा के लिए भगवान कृष्ण से मदद मांगी थी और उपवास रखा था। इन कहानियों से यह व्रत का महत्व और बढ़ जाता है।इस दिन महिलाओं को विशेष रूप से लाल रंग के वस्त्र पहनने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसे शुभ माना जाता है।
इसके अलावा, हरा, महरून और पीला रंग भी पहना जा सकता है।बाजारों में करवा चौथ की खरीदारी के लिए रौनक देखी जा रही है। महिलाएं ज्वेलरी, कपड़े, और पूजा सामग्री खरीदने में व्यस्त हैं। करवा, दीये, चलनी, और पूजा विधि की किताबें बाजार में उपलब्ध हैं।
करवा की कीमत 60 से 80 रुपए, चलनी की 80 से 120 रुपए, और नए चूड़े की 50 रुपए प्रति किलो है।इस प्रकार, करवा चौथ का पर्व विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है और इसे भक्ति और प्रेम के साथ मनाने का एक अनोखा तरीका है।
