अपराध
STF व सिगरा पुलिस टीम द्वारा हत्या के मामले में वांछित रू0 20 हजार का इनामिया अभियुक्त गिरफ्तार
रिपोर्ट – मनोकामना सिंह
वाराणसी : वांछित फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में सिगरा की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर मु.अ.स. 393/2022 चारा 147/148/149/504/506/307/302/34 भादवि0 व7 सी०एल०ए० एक्ट में 20 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित वांछित अभियुक्त आर्या उर्फ आकाश सरोज उर्फ टमाटर पुत्र स्वा चन्दन सरोज निवासी म0नं0 सी 33/222 चन्दुआ छित्तूपुर थाना सिगरा वाराणसी को रोडवेज बस स्टैण्ड कैण्ट के बाहर मुख्य मार्ग पर थाना सिगरा से गिरफ्तार किया गया उक्त गिरफ्तारी के सम्बन्ध में थाना सिगरा पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
घटना 12 अक्टूबर को सिगरा थाना क्षेत्र के जय प्रकाश नगर कालोनी अन्तर्गत शराब पीकर हंगामा करने कर रहे लोगों को मना करने पर अभियुक्तगण द्वारा एक राय होकर वादी रुद्रेश कुमार सिंह के पिता पशुपति नाथ सिंह व भाई राजकुमार सिंह पर लाठी डंडा व राड से जानलेवा हमला कर दिया गया, जिसमें बादी के पिता की मृत्यु हो गयी तथा भाई घायल हो गये। वादी की तहरीर के आधार पर थाना सिगरा में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रभारी निरीक्षक सिगरा द्वारा सम्पादित की जा रही है।
पूछताछ करने पर अभियुक्त आय उर्फ आकाश सरोज उर्फ टमाटर ने बताया कि मैं 307 गैंग का सदस्य हूँ. मेरा एक इस नाम से कई लड़कों का सोशल मीडिया पर ग्रुप है और जब कभी किसी लड़के से कोई विवाद होता है तो सूचना प्राप्त होने पर हम लोग समूह के रूप में वहाँ पहुँच जाते हैं 12 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे से 7.30 के मध्य मन्टू सरोज, राहुल सरोज पुत्रगण अनूप सरोज व बाबू सरोज पुत्र कचालू सरोज जो चंदुआ सट्टी के पीछे नरीमल पुर थाना सिगरा के रहने वाले है अपने लोगों के साथ ठेके पर शराब पी रहे थे शराब पीने के दौरान ये लोग गाली-गलौज व उपद्रव करने लगे उसी समय राजकुमार सिंह भवन स्वामी अपने कुछ लोगो के साथ आकर बाबू सरोज से उलझ गये और मारने पीटने लगे तथा लोगों को वहां से जो लोग बवाल कर रहे थे भगा दिया तब बाबू, राहुल तथा मण्टू ने जो हम लोगो का एक 307 नाम से गैंग बना है और सभी लोग मोबाइल से इस ग्रुप से जुडे हुए है पर सूचना दिया तो में, दिनेश पाल, सूरज यादव, अनूप सरोज, मन्टू सरोज, अभिषेक सरोज, गणेश सरोज, मनीष पाण्डेय, रमेश पाल व हमारे अन्य साथी सुरेश सरोज, श्यामबाबू, पवन, साहिल गुप्ता, सन्दीप गुप्ता, विशाल राजभर, विकास राजभर, बाबू सरोज व राहुल सरोज के साथ लाठी/इन्डा व ईंट पत्थर अपने-अपने हाथो में लेकर ठेके के सामने पहुंचे और राजकुमार से पूछा कि क्यो गाली और धमकी दिये है, जिस पर राजकुमार सिंह हम लोगो को पुनः गाली-गलौज देने लगे जिस पर कहा-सुनी होने लगी और हम लोगो ने लाठी पत्थर व ईंट से गाली का बदला गाली देते हुए व जाने से मारने की धमकी देते हुए मारने-पीटने लगे। जिससे वे गिर गये और शोर पर उनके पिता बचाने आये, वो भी हम लोगों से उलझने लगे तो उन्हें भी हम लोगो ने ईंट से बुरी तरह से मारा-पीटा जब तमाम लोग शोर पर आने लगे तो हम सभी लोग भाग गये थे। बाद में सुना कि राजकुमार सिंह के पिता पशुपतिनाथ सिंह की ट्रामा सेंटर बीएचयू में मौत हो गयी है। मैं अपने हाथ में रोड लिये था उसी से मैंने मारा था और उस रोड को मैने सामने घाट से गंगा जी में बीच धारा में फेंक दिया था। 18 मार्च 22 को मोहन शाद केशरी पुत्र मिठाई शाव नि0-सी33/222 चन्दुआ छितपुर सिगरा वाराणसी तथा उसके पुत्र दिलीप केशरी व भतीजे चन्दन केशरी और मठ्ठा व बउवा पुत्रगण चन्दन सरोज के साथ हमलोगो ने मार-पीट कर इन लोगो को घायल कर दिया था, जिसमें दिलीप केशरी को काफी गंभीर चोटे आयी थी। इस घटना को भी हम लोगो ने मिलकर कारित किया था। आज मैं रोडवेज के पास कचहरी अपने अधिवक्ता के यहाँ अदालत ने हाजिर होने के लिए अधिवक्ता से बातचीत करने की नीयत से खड़ा था और अपने साथी का इन्तजार कर रहा था कि मेरा साथी आ जाय तो उसके साथ वकील साहब के घर पर चल कर बातचीत कर लूं और कल हम लोगों को वकील साहब हाजिर करा दे पर आप लोगों ने पकड़ लिया।
