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लार नगर पंचायत में भ्रष्टाचार का आरोप, सभासद ने डीएम-एसडीएम से की जांच की मांग
देवरिया। जिले के लार नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विवाद गहरा गया है। धारी वार्ड के सभासद प्रमोद कुमार विश्वकर्मा ने तहसील दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में सरकारी धन की बड़े पैमाने पर अनियमितता और दुरुपयोग हो रहा है।
शिकायत के अनुसार, आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगभग 70 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि इतनी संख्या की आवश्यकता नहीं बताई जा रही। आरोप है कि प्रति कर्मचारी एक-एक लाख रुपये तक रिश्वत लेकर नियुक्तियां की गईं। सभासद का कहना है कि इन कर्मचारियों में से करीब 30 प्रतिशत अपनी ड्यूटी पर नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते, फिर भी उनके नाम पर भुगतान किया जा रहा है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि सफाईकर्मियों के नाम पर सामान्य और पिछड़ी जाति के लोगों की नियुक्ति नियमों के विपरीत की गई है। साथ ही, अनुपस्थित कर्मचारियों के नाम पर अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष द्वारा ठेकेदार से धन वसूली किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
सभासद ने नगर पंचायत लार में व्याप्त कथित धांधली, लूट और अनियमितताओं की तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी ने कहा कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त हुई है तो मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है।
