चन्दौली
धान क्रय केंद्रों के पोर्टल बंद, किसानों की बढ़ी परेशानी
इलिया (चंदौली)। जनपद के सभी धान क्रय केंद्रों के पोर्टल बंद होने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। अपनी मेहनत, लागत और खून-पसीने से तैयार की गई फसल की बिक्री और फीडिंग न हो पाने से किसान आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहे किसानों में सरकार और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसान विकास मंच और किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के संयुक्त प्रदर्शन को देखते हुए डिप्टी आरएमओ राघवेन्द्र सिंह ने 9 फरवरी को घोषणा की थी कि धान खरीद पुनः शुरू की जाएगी तथा जिन किसानों की पोर्टल फीडिंग नहीं हुई है, उनकी फीडिंग भी कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया था कि 12 फरवरी को पोर्टल खोल दिए जाएंगे, लेकिन तय तिथि पर भी पोर्टल नहीं खुल सके, जिससे किसानों की उम्मीदों को झटका लगा है।
किसानों का कहना है कि धान तैयार होने के बाद लंबे समय तक बिक्री न होने से उन्हें भंडारण, मौसम की मार और आर्थिक नुकसान का खतरा बना हुआ है। कई किसानों ने बताया कि कर्ज लेकर खेती करने के बावजूद धान की खरीद न होने से परिवार के भरण-पोषण तक की समस्या खड़ी हो गई है।
खाद्य एवं रसद विभाग के सूत्रों के अनुसार, धान खरीद से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 12 फरवरी को लखनऊ में शाम चार बजे उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें इस मुद्दे पर निर्णय लिया जा सकता है।
इधर, सरकार की ढिलाई और धान खरीद में हो रही देरी के विरोध में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने भिटिया शिव मंदिर प्रांगण मैरिज हाउस में आपात बैठक की। बैठक में किसानों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा की गई और एक स्वर में निर्णय लिया गया कि यदि चार दिन के भीतर धान खरीद पोर्टल नहीं खोला गया और शेष धान की खरीद शुरू नहीं हुई, तो किसान विकास मंच के कार्यकर्ता जोरदार आंदोलन करेंगे तथा जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे।
बैठक में मौजूद किसानों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि अन्नदाता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में किसान विकास मंच के प्रवक्ता जय नाथ सिंह, राम अवध सिंह, अवधेश कुमार, बिमलेश सिंह, भरत यादव, सरयू नाथ, बचाऊ यादव, सुरेश मौर्य, सुजीत सिंह, धीरेंद्र कुमार, रमेश पांडेय, तौसीफ ख़ान, इंद्रदेव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
