गाजीपुर
सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग महा रुद्राभिषेक का भव्य समापन, श्रद्धा में डूबा बिछुड़ननाथ धाम
खानपुर (गाजीपुर) जयदेश। बभनौली स्थित पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले बिछुड़ननाथ धाम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग महा रुद्राभिषेक का तीन दिवसीय अनुष्ठान आज विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और शिव आराधना के साथ संपन्न हो गया। समापन दिवस पर पूरे धाम में “ॐ नमः शिवाय” के गगनभेदी जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

अंतिम दिन प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूर-दराज से आए भक्तों ने मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया और लोक कल्याण, शांति व समृद्धि की कामना की। हिंगलाज सेना की राष्ट्रीय अध्यक्षा साध्वी लक्ष्मीमणि शास्त्री के सान्निध्य में विधि-विधान से पूजन-अर्चन और विशेष अनुष्ठान संपन्न कराए गए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव निष्काम भक्ति, सेवा और परोपकार से शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

बिछुड़ननाथ धाम का धार्मिक महत्व इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है, क्योंकि यह द्वारिका पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी की तपोभूमि रहा है। इसी पावन स्थल पर सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंगों के पूजन से श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुभव किया।

मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त आचार्य सोमेश परसाई के मार्गदर्शन में आयोजित इस महायज्ञ में संतों, आचार्यों एवं विद्वानों का मार्गदर्शन मिला। व्यस्त कार्यक्रम के कारण भोजपुरी गायक व सांसद मनोज तिवारी तथा प्रख्यात कथावाचक राजन जी महाराज का प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द रहा, इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
समापन अवसर पर अरुण प्रकाश सिंह, शिवम दुबे, देवी चौबे, बिंदेश्वरी सिंह, संजय सिंह, शिवाजी मिश्र, रामभद्र पाठक, राघवेंद्र पाठक, बबलू मिश्र, करुणा शंकर मिश्र, उपेंद्र मिश्र, प्रवीण सिंह एवं शुभम यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, यजमान और श्रद्धालु उपस्थित रहे। क्षेत्रवासियों ने इस आयोजन को विश्व कल्याण, सामाजिक समरसता और धार्मिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया।
