गोरखपुर
महाकुंभ प्रयागराज: सेवा, साहस और समर्पण की मिसाल बने गोरखपुर के मुख्य आरक्षी रोजन अली
गोरखपुर। विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागम महाकुंभ प्रयागराज 2025 में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य और श्रद्धालुओं के लिए भरोसेमंद बनाने में जिन जांबाज़ जवानों ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई, उनमें गोरखपुर की पावन धरती के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के निवासी मुख्य आरक्षी रोजन अली (035022481A/114 BN RAF) का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। सीमित संसाधनों, अपार जनसैलाब और निरंतर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन जिस निष्ठा, साहस और मानवीय संवेदना के साथ किया, वह पूरे सुरक्षा बल के लिए प्रेरणा बन गया।
महाकुंभ जैसे विराट आयोजन में भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील घाटों और मार्गों की सुरक्षा, आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई तथा श्रद्धालुओं की सहायता हर जिम्मेदारी को रोजन अली ने मिशन भावना के साथ निभाया। ड्यूटी के दौरान उन्होंने कई बार अपने कर्तव्य से बढ़कर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। उनकी सतर्कता और अनुशासन के कारण सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रही और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिला।

इन्हीं उत्कृष्ट सेवाओं और सुरक्षा क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य आरक्षी रोजन अली को “सेवा मेडल” प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि गोरखपुर जनपद और हरपुर बुदहट क्षेत्र के लिए भी गौरव का क्षण है।
मुख्य आरक्षी रोजन अली की यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना से कोई भी जवान राष्ट्र और समाज में अमिट पहचान बना सकता है।
