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निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का आंदोलन तेज

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संतकबीरनगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी लगातार आंदोलनरत हैं। आंदोलन के 437वें दिन शनिवार को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने निजीकरण के निर्णय को एकतरफा बताते हुए इसे कर्मचारियों के हितों के खिलाफ करार दिया है।

संघर्ष समिति का कहना है कि नवंबर 2024 में लिए गए निजीकरण के फैसले के बाद से ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण लगातार बिगड़ता जा रहा है। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि बिजली कर्मी पिछले 437 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, इसके बावजूद उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा नियमित कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। इससे ऊर्जा निगमों में तनावपूर्ण माहौल बन गया है, जिसे समिति ने “अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति” बताया।

संघर्ष समिति के एक अन्य पदाधिकारी संतोष गुप्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि आंदोलन के नाम पर कर्मचारियों के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर से हस्तक्षेप होने पर ही कार्य का वातावरण सामान्य हो सकेगा।

वहीं संघर्ष समिति के पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसरिया ने प्रदेश के समस्त बिजली कर्मियों से अपील की कि निजीकरण विरोधी आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सरकार द्वारा लागू की गई बिजली बिल राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में पूरा सहयोग दिया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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शनिवार को संतकबीरनगर जनपद में भी बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसरिया, रंजन कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, वीरेंद्र मौर्य, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, प्रदीप कुमार, दुर्गा प्रसाद, अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मी मौजूद रहे।

संघर्ष समिति ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था में अब तक हुए सुधार आगे भी जारी रहेंगे और बिजली कर्मी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करते रहेंगे।

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