राज्य-राजधानी
फर्जी नाम कटौती की आशंका, सपा ने लगाया आरोप
करही गांव में प्रिंटेड फार्म-7 मिलने से हड़कंप
संतकबीरनगर। सेमरियावा विकासखंड के करही गांव में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मतदाता सूची से नाम कटवाने से जुड़े प्रिंटेड फार्म-7 बड़ी संख्या में पकड़े गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की जा रही थी, जिससे गांव के सैकड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे ड्यूटी पर तैनात एक सुपरवाइजर के साथ दो संदिग्ध व्यक्ति गांव पहुंचे। उनके पास लगभग एक हजार की संख्या में पहले से प्रिंट किए गए फार्म-7 थे, जिन्हें वे बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को सौंपने आए थे। फार्म सौंपकर जब वे वापस लौटने लगे, तभी ग्रामीणों को उनकी गतिविधियों पर शक हुआ।
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए फार्म-7 अपने कब्जे में ले लिए और मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। स्थिति बिगड़ती देख दोनों संदिग्ध व्यक्ति मौके से फरार हो गए।
ग्रामीणों का कहना है कि फार्म-7 पहले से भरे हुए थे और इनमें कई ऐसे नाम शामिल थे, जिनके परिवार के लोग जीवित हैं और नियमित रूप से मतदान करते आ रहे हैं। इससे फर्जी तरीके से नाम कटौती किए जाने की आशंका और गहरा गई है।
इस पूरे मामले में बीएलओ ने फार्म जमा कराने आए लोगों के नाम समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं से जुड़े होने की बात बताई है। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समाजवादी पार्टी का आरोप है कि यह सब कुछ प्रशासन की मिलीभगत से किया जा रहा है और विपक्षी मतदाताओं को चुनिंदा तरीके से मतदाता सूची से बाहर करने की साजिश है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रशासन या निर्वाचन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों में भारी रोष है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और सच्चाई सामने कब आती है।
