राज्य-राजधानी
यूपीआई से खातों में पैसे भेजकर लोगों को फंसा रहे जालसाज
कुशीनगर में यूपीआई लेन-देन बना मुसीबत
कुशीनगर। ऑनलाइन लेन-देन के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगी के नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब जालसाज यूपीआई के माध्यम से लोगों के बैंक खातों में पैसे भेजकर उन्हें परेशानी में डाल रहे हैं। बाद में इन्हीं लेन-देन को धोखाधड़ी बताकर शिकायत दर्ज कराई जाती है, जिसके चलते संबंधित खातों पर रोक लगा दी जाती है। स्थानीय स्तर पर UPI के इन मामलों का समाधान न हो पाने से लोग लगातार परेशान हो रहे हैं।
यूपीआई के जरिये खातों में धन आने के बाद नकद भुगतान करने पर भी खाते लॉक हो जाने के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधों को रोकने के लिए सरकार ने टोल फ्री नंबर की सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर लोग शिकायत दर्ज करा सकें। इसी बीच यूपीआई से खाते में पैसे भेजने के बाद फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराने के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है।
थरूआडीह निवासी सूर्यनरायण गुप्ता नगर के गोरखपुर तिराहे पर एक बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले एक व्यक्ति ने यूपीआई के माध्यम से उनके खाते में दस हजार रुपये भेजे थे। इसके बदले उन्होंने उसे दस हजार रुपये नकद दे दिए। बाद में उस व्यक्ति ने गोपालगंज, बिहार में अपने खाते में फ्राड होने की सूचना पुलिस को दे दी, जिसके कारण सूर्यनरायण गुप्ता का खाता लॉक हो गया। इसी तरह का मामला नगर के गौरीबाजार तिराहे पर स्थित एक बैंक के कर्मचारी के खाते के साथ भी सामने आया है, जहां ऐसे ही आरोप के बाद खाते पर रोक लगा दी गई।
बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा हाटा के प्रबंधक रविंद्र सिंह ने बताया कि बिना ठोस वजह के खातों पर बैन लगने के मामले रोज सामने आ रहे हैं और इनका समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति से यूपीआई के माध्यम से लेन-देन न करें, ताकि इस तरह की परेशानी से बचा जा सके।
