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वाराणसी

नाविकों की हिंसक झड़प से अफरा-तफरी, केस दर्ज

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वाराणसी। काशी में गंगा किनारे नाव संचालन को लेकर चला आ रहा विवाद एक बार फिर उग्र हो गया। लंका थाना क्षेत्र के सामनेघाट स्थित जजेज गेस्ट हाउस के समीप बने पक्का घाट पर नाव लगाने को लेकर नाविकों के दो गुट आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से जमकर मारपीट होने लगी, जिससे घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। इस मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों सहित 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

यह मामला मदरवा निवासी गौतम साहनी की तहरीर पर दर्ज हुआ है। पीड़ित के अनुसार, शुक्रवार को वह अपने साथी नाविकों कल्लू, रामचंद्र, सोमनाथ, रामानंद और विकास साहनी के साथ पक्का घाट पर सवारियों का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान बबलू साहनी वहां पहुंचा और नाव संचालन को लेकर आपत्ति जताने लगा। जब नाविकों ने उससे विरोध का कारण पूछा और समझाने का प्रयास किया, तो वह वहां से चला गया।

आरोप है कि कुछ समय बाद बबलू साहनी अपने 50 से 60 साथियों के साथ करीब दस नावों पर सवार होकर दोबारा घाट पर पहुंचा और आते ही जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड थीं, जिनसे उन्होंने नाविकों पर अंधाधुंध प्रहार शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से घाट पर मौजूद लोग दहशत में आ गए और इधर-उधर भागने लगे।

इस झड़प में कई नाविक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही आरोपी फरार हो चुके थे।

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प्रभारी निरीक्षक लंका राजकुमार शर्मा ने बताया कि घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन नामजद आरोपियों के साथ 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राणघातक हमले सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित गौतम साहनी का कहना है कि नाव लगाने को लेकर इस घाट पर पहले भी कई बार विवाद और मारपीट हो चुकी है, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया। उन्होंने प्रशासन से घाटों पर नाव संचालन के लिए स्पष्ट व्यवस्था और स्थायी समाधान लागू करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

घटना के बाद स्थानीय नाविकों और क्षेत्र के लोगों में रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने नाविकों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाए होते, तो इतनी बड़ी हिंसक घटना नहीं होती। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद घाट क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।

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